दुष्कर्म मामले में पहली बार लगेगा रासुका
आठ साल की बच्ची को अगवा कर किया था दुष्कर्म
बात खुले ना इसलिए उतार दिया था मौत के घाट
जोगिया कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में अप्रैल में हुई थी वारदात
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। आठ वर्षीय बालिका को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म और बात ना खुले इसलिए उसकी हत्या करने के मामले में जेल में बंद दोनों आरोपियों पर रासुका की तैयारी चल रही है। जल्द ही दोनों आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई होगी। जिले में दुष्कर्म का यह पहला मामला है, जिसमें रासुका लगाने की कार्रवाई होगी।
जोगिया कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में अप्रैल माह की 27 तारीख को एक आठ वर्षीय बालिका की गांव के बाहर बूढ़ी राप्ती किनारे लाश मिली थी। वह 26 को देर शाम संदिग्ध हाल में लापता हो गई थी। गले पर काले धब्बे का निशान था। इसलिए प्रतीत हो रहा था की गला दबाकर बालिका की हत्या की गई है। मामले की पड़ताल में जुटी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा तो उसमें चौका देने वाला सच सामने आया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की बात सामने आई। केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने दो लोगों को पकड़ लिया। इनमें एक का नाम महेश तो दूसरे का पिंटू है। दोनों उसी गांव के निवासी हैं। पुलिस की पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया था कि बालिका को टॉफी देने के बहाने बुलाया और उसके साथ दोनों ने दुष्कर्म किया। अन्य लोगों को यह जानकारी ना मिले इसलिए उसकी गला घोटकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म हत्या सहित अन्य मुकदमे दर्ज करके दोनों को 29 अप्रैल को जेल भेज दिया था। वह दोनों जेल में हैं। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। वहीं इस कांड को जघन्य मानते हुए पुलिस रासुका, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाने की तैयारी में है। इस बाबत अपर पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद रावत ने बताया कि आरोपियों पर रासुका लगाने की कार्रवाई चल रही है। कागजी कार्य प्रगति पर है, जल्द ही रासुका लगाने की कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।
प्रधान हत्याकांड में लग चुका है रासुका
उसका ब्लॉक के मदनपुर गांव निवासी ग्राम प्रधान लाल मोहर जायसवाल की हत्या के आरोपियों पर रासुका की कार्रवाई हुई थी। इस मामले में खेत की ओर गए तत्कालीन ग्राम प्रधान लाल मोहर की गला काटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। सिर को धड़ से अलग करके हत्यारे सिर उठा ले गए थे। दूसरे दिन गांव से कुछ दूर पर सिर मिला था। तनाव को देखते हुए कई थानों की फोर्स तैनात की गई थी। मामले को जघन्य मानते हुए सभी पर रासुका की कार्रवाई हुई थी।