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Siddharthnagar News: पेट दर्द आज हो रहा, अल्ट्रासाउंड के लिए नंबर मिल रहा 10 दिन बाद

Sun, 08 Oct 2023 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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फोटो- है
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माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड जांच के लिए लग रहा लंबा नंबर, ब्लड जांच में भी दिक्कत

समय से जांच न होने से मरीज जा रहे बाहर, कट रही जेब

संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने का दावा माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में खोखला साबित हो रहा हैं। यहां सुविधाएं तो हैं, लेकिन संचालन में गड़बड़ी से मरीजों को सहूलियत नहीं मिल पा रही है। इसका फायदा दलाल उठा रहे हैं।
शनिवार को अस्पताल की पड़ताल में मरीजों के साथ हो रहे शोषण की तस्वीर सामने आई। मरीज लाचार होकर दलाल की गिरफ्त में फंसते हुए देखे गए। कोई अल्ट्रासाउंड जांच के लिए दलाल के जाल में फंस गया तो कोई लैब में भारी भीड़ और समय से जांच न होने के कारण उनके झांसे में आ गया। यहां सुविधाएं होते हुए भी बेहतर संचालन की व्यवस्था न होने के कारण मरीजों को शोषण का शिकार होना पड़ रहा है। पर मरीजों की स्थिति के बारे में जानकारी होने के बाद भी जिम्मेदार बेखबर हैं।
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जिला अस्पताल के माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में तब्दील होने के बाद मरीजों की तादाद काफी बढ़ गई है। इसके साथ ही दलालों की तादाद भी बढ़ गई है। उनकी चिकित्सकों के बीच मजबूत पैठ बन गई है। वे डॉक्टर के केबिन से लेकर लैब, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र के इर्द-गिर्द घूमते हैं। परेशान और गंवाई दिखने वालों को फंसाते हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत जानने के लिए शनिवार को पड़ताल की गई तो मरीजों की विवशता और दलालों के फंसाने का खेल सामने आया है। यहां अल्ट्रासाउंड के बाहर मरीजों की भारी भीड़ लगी थी। लोग नंबर के इंतजार में लगे थे। वहीं, कुछ लोग लौटते नजर आए। इसमें आठ से 10 दिन का नंबर मिल रहा था। शनिवार को 19 पुराने मरीजों को बुलाया गया था। दोपहर 12 बजे तक 50 नए लोग जांच कराने के लिए नंबर लगा चुके थे।
उसका निवासी रमेश के बेटे के पेट में दर्द था। चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड जांच लिख दिया। जब जांच कराने के लिए पहुंचे तो पता चला कि आठ से 10 दिन बाद नंबर आएगा। जांच जरूरी थी। इसलिए उन्होंने जल्द करने की बात की, लेकिन बात नहीं बनी। वार्ड से आगे बढ़े तो एक युवक मिल गया। उसने जानकारी ली और तत्काल कराने की बात करते हुए एक कार्ड देकर भेज दिया।
यही दिक्कत नगर की रहने वाली प्रेमलता के साथ देखी गई। उनके भाई के पेट में तेज दर्द है। चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड जांच के लिए सलाह दी। जांच नहीं हुई तो वह जांच केंद्र पर एक युवक के जरिए गईं। ऐसा हर दिन कम से कम 20 मरीजों के साथ हो रहा है। प्राइवेट में 600-800 रुपये देने पड़ रहे हैं।
यही हाल लैब का है। यहां भी दलाल घूमते रहते हैं। भीड़ देखने के बाद बिना जांच कराए लौटने वालों को वे फंसा ले रहे हैं। इसके बाद निजी केंद्र पर भेज दे रहे हैं। जैसा कि लैब के सामने देखा गया। जिम्मेदार इससे बेखबर हैं।
इस संबंध में प्राचार्य डॉ. एके झा ने बताया कि अल्ट्रासाउंड के लिए नई मशीन आ गई है। विशेषज्ञ न होने के कारण लग नहीं पा रही है। उसके लगते ही समस्या का समाधान हो जाएगा। रही बात ब्लड जांच की तो सब जांच हो रही है। कोई खुद बाहर जाए तो इसमें क्या किया जा सकता है।



बोले मरीज

एक सप्ताह का नंबर लग रहा है। अब तत्काल जांच की जरूरत है तो आदमी कब तक इंतजार करेगा। तीन दिन से दौड़ लगा रहे हैं, लेकिन अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो पा रही है। मजबूर होकर बाहर जांच करवाने जाना पड़ रहा है।

-मजीद, निवासी लखनपारा

बुखार नहीं छोड़ रहा था। इसलिए चिकित्सक को दिखाने के लिए आया था। चिकित्सक ने देखने के बाद खून की जांच लिख दी। सैंपल देने के लिए पहुंचा तो लंबी लाइन लगी थी। एक कर्मी ने बताया कि आज जांच और रिपोर्ट मिलना संभव नहीं है। दिखाना जरूरी है। इसलिए बाहर जांच करवाने जा रहे हैं। यहां जांच निशुल्क हो जाती, अब रुपये देने पड़ेंगे।
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- अमीष, निवासी उसका बाजार



फिजियाेथेरेपी में नहीं है मशीन, हो रही मैनुअल जांच

माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में हड्डी रोग से जुड़े लोगों को फिजियोथेरपी के जरिए ठीक किया जाता है। वार्ड बना हुआ है, लेकिन मशीन की सुविधा नहीं है। इसलिए मैनुअल जांच की जा रही है। मरीजों को कसरत करने का तरीका बताया जा रहा है। यहां पर हर दिन 20 से 25 मरीज आ रहे हैं। इसरा निवासी शोहरतगढ़ ने बताया कि बच्ची के पैर में दिक्कत है। उसको कसरत कराने के लिए बताया गया है। अगर मशीन होती तो जल्दी सही हो जाती। हमीदुल्ला निवासी ढेबरुआ ने बताया कि बच्चे के पैर का पंजा सही नहीं है। इसलिए चिकित्सक के पास आए थे। उन्होंने थेरेपी कराने के लिए कहा है। चिकित्सक ने मैनुअल थेरेपी की है।
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