संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी। कस्बे के राप्ती नदी तट पर मौनी अमावस्या पर लगने वाले माघ मेले की तैयारी तेजी से चल रही है। मेले का उद्घाटन 17 जनवरी को होगा और 28 फरवरी तक चलेगा। मेले में विभिन्न प्रकार के झूलों और दुकानों के लगने का सिलसिला शुरू हो गया है। मेले का शुभारंभ वर्ष 1954 में पं. राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने किया था। इसके बाद से यह मेला अनवरत चल रहा है।
वर्तमान में माघ मेले का संचालन नगर पालिका परिषद कर रही है। माघ मेला मैदान की सफाई हो चुकी है। अब देश के विभिन्न महानगरों से आने वाली दुकानें लगने लगी हैं, और झूला संचालक झूला लगाने में व्यस्त हैं। मेले के सफल संचालन को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष चमन आरा राईनी का कहना है कि मेले की भव्यता को बरकरार रखने के लिए लिए जो भी आवश्यक सुविधाएं है, वह मुहैया कराया जा रहा है। मेले में आने वाले लोगों को किसी तरह की दुश्वारी न हो इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
माघ मेला का विशेष आकर्षण : मेले में इस वर्ष ज्वाइंट व्हील, ब्रेक डांस, नाव, ड्रेगन, सुनामी, डबल डिस्क, टोरा टोरा सहित विभिन्न प्रकार के बड़े छोटे झूले लग रहे हैं। इसी के साथ ही जंगल स्ट्रीट, भूत बंगला, काला जादू, डांस पार्टी, थियेटर आदि लगाए जाने की तैयारी चल रही है।