संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। क्षेत्र के सीएचसी सिरसिया में सोमवार को अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा की अगवाई में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवतियों के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इसमें 117 गर्भवतियों का पंजीकरण हुआ, जिसमें से 22 गर्भवतियों में उच्च जोखिम के लक्षण पाए गए।
सभी को चिकित्सीय इलाज व परामर्श दिया गया तथा 6 गर्भवतियों में खून की कमी पाए जाने के कारण आयरन सुक्रोज की डोज दी गई। इस दौरान 73 गर्भवतियों को निशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी दी गई। अधीक्षक ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप, मधुमेह, फीटस के बेड़े होने, गंभीर एनिमिया, प्लेसेंटा का विकृत व नीचे होने से गर्भवतियों में खतरा बना रहता है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान सभी प्रकार की प्रसव पूर्व जांचें तथा अल्ट्रासाउंड समय-समय पर बहुत जरूरी है।
शिविर के माध्यम से गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में ही उच्च जोखिम वाले खतरे के लक्षण को चिह्नित करते हुए चिकित्सीय इलाज व परामर्श देते हुए जच्चा और बच्चा को सुरक्षित किया जा सकता है। इस दौरान डॉ.एलबी यादव, प्रेम कुमार त्रिपाठी, रुपम पाठक, सविता मौर्या, अर्चना चौधरी, कु.वर्षा सागर, रेखा पांडेय आदि मौजूद रहे।
सीएचसी पर आयोजित शिविर में 90 गर्भवतियों की जांच हुई : भारतभारी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेवां पर सोमवार को गर्भवतियों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया गया।