सिद्धार्थनगर। कभी बढ़ती उम्र की समस्या माने जाने वाला बाल झड़ना अब किशोरों और युवाओं में भी बढ़ रहा है। त्वचा एवं बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार मानसून में बढ़ी नमी, फंगल संक्रमण और डैंड्रफ के साथ-साथ खराब खानपान, तनाव और शरीर में पोषक तत्वों की कमी इसके प्रमुख कारण बन रहे हैं। समय रहते ध्यान न देने पर समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभाग में ऐसे दो-चार मरीज रोज पहुंच रहे हैं, जिनको सिर में एलर्जी, खुजली-फोड़े आदि की समस्या होती है। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अरफुल खान बताते हैं कि बरसात में वातावरण में नमी अधिक होने से स्कैल्प पर फंगस और बैक्टीरिया पनपते हैं। इससे खुजली, डैंड्रफ, बालों की जड़ों में संक्रमण और अत्यधिक बाल झड़ने की शिकायत बढ़ जाती है। लंबे समय तक गीले बाल बांधकर रखना, बारिश या गंदे पानी में भीगने के बाद बालों की सफाई न करना तथा साझा कंघी और तौलिया इस्तेमाल करना संक्रमण का खतरा बढ़ा देता है।
डॉक्टरों के अनुसार केवल मौसम ही नहीं, बल्कि बदलती जीवनशैली भी बालों के लिए नुकसानदेह साबित हो रही है। युवाओं में तनाव, देर रात तक जागना, फास्ट फूड का अधिक सेवन और संतुलित आहार की कमी के कारण शरीर में आयरन, प्रोटीन, विटामिन-डी, विटामिन-बी12 और जिंक जैसे आवश्यक पोषक तत्वों की कमी हो रही है। एनीमिया और थायरॉयड जैसी बीमारियां भी बाल झड़ने का बड़ा कारण हैं।े