खुनुवां/कपिलवस्तु। नेपाल के पाल्पा जिले से चालू आर्थिक वर्ष में छह वर्षों में सबसे अधिक दालचीनी का भारत को निर्यात किया गया है। दालचीनी के साथ तेजपत्ता के निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे स्थानीय किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है।
पाल्पा के डिवीजन वन कार्यालय के अनुसार, चालू आर्थिक वर्ष में 3 लाख 47 हजार 969 किलोग्राम दालचीनी और 12 लाख 88 हजार 482 किलोग्राम तेजपत्ता भारत भेजा गया। पिछले आर्थिक वर्ष में एक लाख 21 हजार 10 किलोग्राम दालचीनी तथा आठ लाख 81 हजार 731 किलोग्राम तेजपत्ता का निर्यात हुआ था।
आंकड़ों के मुताबिक, आर्थिक वर्ष 2023-24 में एक लाख 76 हजार 697 किलोग्राम, 2022-23 में एक लाख 83 हजार 590 किलोग्राम, 2021-22 में एक लाख 90 हजार 214 किलोग्राम और 2020-21 में एक लाख 91 हजार 415 किलोग्राम दालचीनी भारत भेजी गई थी। इस वर्ष यह आंकड़ा बढ़कर तीन लाख 47 हजार 969 किलोग्राम हो गया है।
तेजपत्ता के निर्यात में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023-24 में सात लाख छह हजार 790 किलोग्राम, पिछले वर्ष आठ लाख 81 हजार 731 किलोग्राम और चालू वर्ष में 12 लाख 88 हजार 482 किलोग्राम तेजपत्ता भारत निर्यात किया गया।
डिवीजन वन कार्यालय के प्रमुख मोहन श्रेष्ठ ने बताया कि पाल्पा में उत्पादित दालचीनी और तेजपत्ता का प्रमुख बाजार भारत है। वर्तमान में किसान तेजपत्ता 50 से 60 नेपाली रुपये प्रति किलोग्राम तथा दालचीनी करीब 100 नेपाली रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्पादन और बाजार विस्तार को बढ़ावा मिलने से किसानों की आय और जिले के वन उत्पादों के निर्यात में आगे भी वृद्धि होगी।