शोहरतगढ़ और बांसी विधानसभा में बदले सियासी समीकरण
सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ के विधायक चौधरी अमर सिंह को सपा ने बांसी विधानसभा क्षेत्र से टिकट देकर राजनीति के जानकारों को हैरानी में डाल दिया है। पार्टी आलाकमान के इस निर्णय से दोनों विधानसभा क्षेत्रों का सियासी समीकरण प्रभावित होना तय माना जा रहा है। दोनों विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता भी वोटों का गुणा-गणित लगा रहे हैं।
छठे चरण में होने वाले चुनाव की नामांकन प्रक्रिया चार फरवरी से चल रही है। बावजूद इसके, टिकटों के लिए राजनीतिक दलों का नया-नया प्रयोग जारी है। अपना दल छोड़कर सपा में गए अमर सिंह, शोहरतगढ़ से टिकट की दौड़ में शामिल थे। अन्य मजबूत दावेदारों में सपा नेता उग्रसेन सिंह और जमील सिद्दीकी के नाम की भी चर्चा में थी। पार्टी ने शोहरतगढ़ से किसी के नाम की घोषणा तो नहीं की, लेकिन अमर सिंह को बांसी सीट से चुनाव लड़ाने का एलान जरूर कर दिया। इस निर्णय ने राजनीति के जानकारों को आश्चर्य में डाल दिया है। इस फेरबदल से दोनों विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। कई राजनीतिक पहलुओं को नजरंदाज कर सपा आलाकमान की यह चुनावी चाल कितनी कामयाब होगी, यह तो समय बताएगा।
दूसरी ओर अमर सिंह को बांसी भेजने के बाद भी शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में सपा की गुत्थी नहीं सुलझ रही है। अन्य दावेदारों के बीच अब भी पेंच फंसा हुआ है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों में अफवाहों का बाजार गर्म है कि यह सीट सपा के सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के खाते में जा सकती है। इस बीच सुभासपा से प्रेमचंद निषाद का पर्चा दाखिल होने से इस कयास को और भी हवा मिल गई है। उन्होंने दावा भी किया कि सपा की गठबंधन पार्टी के प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतर रहे हैं। प्रेमचंद के दावों के उलट, शोहरतगढ़ से टिकट की रेस में शामिल दावेदार अब भी लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं। उनके समर्थक भी सोशल मीडिया पर अपने चहेते नेता का टिकट फाइनल होने की हवा उड़ा रहे हैं। इन सारी राजनीतिक हलचलों के बीच शोहरतगढ़ का सियासी पारा बढ़ता जा रहा है। अन्य दलों के प्रत्याशियों से लेकर आम मतदाता भी राजनीति के इस खेल पर नजर जमाए हुए हैं और अन्य संभावित समीकरणों पर चर्चा करने में मशगूल हैं।
बांसी की सियासत पर भी पड़ेगा असर
बांसी विधानसभा में भाजपा ने अपने कद्दावर नेता और मौजूदा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह को टिकट दिया है। बसपा ने राधेश्याम पांडेय तो कांग्रेस ने किरन शुक्ला को अपना प्रत्याशी बनाया है। सपा में टिकट के लिए यहां के कई दावेदारों में खींचतान चल ही रही थी कि पार्टी ने चौधरी अमर सिंह को चुनाव लड़ाने का एलान कर दिया। यहां सपा के जिलाध्यक्ष लालजी यादव, विभा शुक्ला के साथ अन्य नेता टिकट की उम्मीद लगाए बैठे थे। सपा आलाकमान के इस निर्णय से क्षेत्र का सियासी समीकरण बदलना तय माना जा रहा है।
शोहरतगढ़ में भाजपा भी नहीं कर पा रही कोई निर्णय
शोहरतगढ़ विधानसभा में टिकट के लिए भाजपा आलाकमान भी कोई निर्णय नहीं ले पा रहा है। पिछले चुनाव में इस सीट पर उसके सहयोगी अपना दल एस के चौधरी अमर सिंह चुनाव जीते थे। उनके सपा में जाने के बाद भी अपना दल, इस सीट से दावा छोड़ने को तैयार नहीं है। कई पार्टी नेता टिकट की चाह में लखनऊ से दिल्ली तक की दौड़ लगा रहे हैं। वहीं, भाजपा के कई मजबूत दावेदार, इस सीट पर चुनाव लड़ने के लिए पूरा दम लगाए हुए हैं। देखना दिलचस्प होगा कि इस बार भाजपा, शोहरतगढ़ सीट को अपने खाते में रखती है या एक बार फिर सहयोगी दल पर दांव लगाएगी। इस सीट पर कांग्रेस से रवींद्र प्रताप उर्फ पप्पू चौधरी, बसपा से राधारमण त्रिपाठी, अखिल भारत हिंदू महासभा के दिवाकर विक्रम सिंह और अपना दल एस से हेमंत चौधरी भी चुनाव फतह करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं।