संवाद न्यूज एजेंसी
खेसरहा। गरीब महिलाओं को बेहतर जीवन की उम्मीद दिखाकर लोन देकर फंसाने वाले फाइनेंस कंपनियों का जिले में नेटवर्क फैला है। जो महिलाओं के कागजात में हेराफेरी करके एक बार हस्ताक्षर में कई खातों से लोन करा दे रहे हैं, और उनका आर्थिक व मानसिक रूप से शोषण कर रहे हैं।
खेसरहा, बर्डपुर और लोटन ब्लॉड क्षेत्र में इनका तगड़ा नेटवर्क है। जो शोषण करने का कार्य कर रही है, लेकिन अब पुलिस ने इन पर कार्रवाई के लिए कागजों को ढूंढना शुरू कर दिया है।
खेसरहा थाना क्षेत्र के ढोला गाढ़ा गांव में उत्पीड़न का शिकार हुई महिलाओं की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने कागजात लेने के साथ ही महिलाओं से दोबारा बयान दर्ज किया है। कागजात के बारे में जानकारी ली है। कुछ लोग पुलिस के निशाने पर हैं, जल्द ही इस मामले में कार्रवाई हो सकती है।
खेसरहा थाना क्षेत्र के क्षेत्र के नासिरगंज गांव के टोला ढोलगाढ़ा गांव में लगभग पांच वर्ष पूर्व माइक्रो फाइनेंस कंपनियों गांव में पहुंचकर दलित बस्ती के महिलाओं को रोजगार के लिए कम ब्याज पर कर्ज देने का प्रचार किया। उनके बातों में आकर गांव की लगभग 15 से 20 महिलाओं ने उत्कर्ष कंपनी से 20 से 30 हजार का पहला लोन लिया।
कंपनी द्वारा लोन देने की शर्त में केवल आधार कार्ड व फोटो ही लिया जाता था। लोन देने के बाद कंपनी से संबंधित लोग इंश्योरेंस व अन्य खर्च के लिए अच्छा खासा रकम ले लेते हैंं, बाकी रुपये उपभोक्ता को मिल जाते थे।
यह जानकारी महिलाओं को तब हुई, जब बड़ी रकम कर्ज होने और वसूली करने के लिए एजेंट दबाव बनाने लगे। दिन रात वसूली के दबाव में महिलाएं परेशान हो गई। वह शिकायत करने के लिए थाने पर पहुंच गई। पुलिस को शिकायत दर्ज करवाया। कुछ कागजात लिए, अब पुलिस टीम गांव गई थी। जहां पर कुछ महिलाओं से बात हो पाई और जानकारी ली। दोबारा फिर गांव पहुंचकर बयान और साक्ष्य लेने की बात बताई है।
क्योंकि अधिकांश महिलाएं खेत और अन्य जगह थीं, इसलिए पुलिस से बात नहीं हो पाई। पुलिस को कुछ कागजात मिले हैं, जिसकी जांच कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही कार्रवाई की जद में आएंगे।