‘प्राकृतिक खेती अपनाएं, कम लागत में अधिक लाभ कमाएं’
भनवापुर (सिद्धार्थनगर)। कृषि विज्ञान केंद्र सोहना में प्राकृतिक खेती अपनाएं कम लागत में अधिक लाभ कमाएं विषय पर बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन सुबह 11 बजे हुआ। इसे किसानों ने देखा। वर्चुअल प्रसारण के बाद किसान गोष्ठी हुई जिसमें केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. ओम प्रकाश ने किसानों को प्राकृतिक खेती करने का एक तरीका बताया। जिसमें बिना किसी लागत के खेती की जाती है।
प्राकृतिक खेती बाहर से किसी भी उत्पाद का कृषि में निवेश को खारिज करता है। प्राकृतिक खेती में देशी गाय के गोबर एवं गोमूत्र का इस्तेमाल करते हैं। सोहना गांव के प्रधान के प्रतिनिधि राम यज्ञ गौतम प्राकृतिक खेती पर जोर देते हुए किसानों से आह्वान किया। प्राकृतिक खेती कर लागत कम करें और उत्पादन बढ़ाएं। इसी क्रम में केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. डीपी सिंह पशुपालन ने किसानों को कहा कि प्राकृतिक खेती में देशी गाय के गोबर एवं गोमूत्र का उपयोग करते हैं। इस विधि से 30 एकड़ जमीन पर खेती के लिए मात्र एक देशी गाय के गोबर और गोमूत्र की आवश्यकता होती है और जीवामृत, वीजामृत के बारे में विस्तार से बताया।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि इस विधि से खेती करने से किसान को बाजार से खाद एवं उर्वरक, कीटनाशक तथा बीज खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती है जिससे उत्पादन की लागत शून्य रहती है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएन सिंह प्राकृतिक खेती में किसानों का स्वास्थ्य सुदृढ़ होता है एवं अधिक आर्थिक लाभ होता है। इसके अलावा अन्य जानकारी दी। डॉ. मारकंडेय सिंह ने किसानों को बताया कि अगर आप रासायनिक खाद से पैदा होने वाले कृषि उत्पादों का इस्तेमाल कर परेशान हो गए हैं तो जीरो बजट प्राकृतिक खेती की उपज को आहार के तौर पर अपना सकते हैं। डॉ. एसके मिश्र, नीलम सिंह, दीप नारायण सिंह, प्रेम चौरसिया आदि मौजूद रहे।
गुजरात मॉडल खेती के बारे में किसानों ने जानकारी हासिल की
इटवा। ब्लॉक सभागार में बृहस्पतिवार को प्राकृतिक खेती का गुजरात से सीधा प्रसारण किया गया। जिसे भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष राम निवास उपाध्याय की अगुवाई में सैकड़ों किसानों ने देखा। जिला उपाध्यक्ष राम निवासी उपाध्याय ने कहा कि किसानों को संकल्पित भाजपा सरकार ने ढेर सारे ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। जो भारतीय कृषि के इतिहास में अविस्मरणीय है। केंद्र की मोदी सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। जिसका परिणाम आने वाले दिनों में किसानों को उपज में दिखाई देगा। यही नही, उर्वरक पर निर्भरता कम करने के लिए भारत सरकार जोर दे रही है और इसका प्रयोग गुजरात प्रांत में व्यापक रूप से दिखाई पड़ने लगा है। प्रदेश सरकार भी चाह रही है कि हमारे यहां के किसान भी जैविक खेती की तकनीक सीखे और उसी के अनुसार खेती करें। आज का सीधा प्रसारण इन्हीं उद्देश्यों को लेकर किया गया। कार्यक्रम में दल सिंगार दुबे, राज किशोर यादव, वेद प्रकाश, राम प्रसाद गुप्ता, स्वामीनाथ मौर्य आदि मौजूद रहे।