अंतरिक्ष में सोमवार को हुई अनूठी खगोलीय घटना का हर कोई गवाह बना। सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरते बुध ग्रह को हर किसी ने निहारा। सोलर फिल्टर चश्मे से अनोखे दृश्य को देख बच्चे रोमांचित हुए तो अभिभावकों ने भी इसे दुर्लभ दृश्य बताया। जिले की पांचों तहसीलों में इस कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
वैज्ञानिकों ने इस दुर्लभ घटना की घोषणा तो पहले ही कर दी थी, मगर इसका साक्षी बनने के लिए हर कोई बेताब नजर आया। घड़ी की सुइयां जैसे ही 4 बजकर 40 मिनट के पार हुई सबकी निगाहें आसमान की ओर निहारने लगी।
लोग इस असमंजस में थे कि कहीं टाइम के फेर में वह इस दृश्य को निहारने में पीछे न रह जाए। करीब दो-तीन मिनट तक आसमान में टकटकी लगी रही। ठीक 4 बजकर 42 मिनट के बाद जैसे ही बुध ग्रह सूर्य के सामने से गुजरा, सबकी निगाहें टिकी रह गई। सदर तहसील परिसर में एसडीएम राजित राम प्रजापति की देखरेख में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। वहीं बांसी डायट परिसर में एसडीएम योगानंद पांडेय, जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक सिद्धार्थ शंकर पांडेय की देखरेख में कार्यक्रम आयोजित हुआ।
शोहरतगढ़। सोमवार को शाम चार बजकर 42 मिनट पर वर्ष की सबसे आकर्षक खगोलीय घटना बुध ग्रह पारगमन का विद्यार्थियों व शिक्षकों ने सोलर फिल्टर युक्त वैज्ञानिक चश्मे की मदद से देखा। बुध ग्रह पारगमन की घटना को देखने के लिए कालेज के छात्र-छात्राओं समेेत शिक्षकों में काफी उत्साह था।
शिवपति स्नातकोत्तर महाविद्यालय में जिला युवा कल्याण विभाग के क्रीड़ाश्री हर्षवर्धन की मौजूदगी में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरपी सिंह ने विद्यार्थियों के साथ निर्धारित समय पर क्रमश: खगोलीय घटना को सोलर फिल्टर युक्त वैज्ञानिक चश्मे की सहायता से देखा।
क्रीड़ाश्री हर्षवर्धन ने बताया कि 222 वर्षों के बाद इस तरह की घटना घटित होती है। इसी तरह कस्बे के सेंट एडूज विद्यालय में श्रेया, कुहू, रिया, तनु और अभिजीत आदि बच्चों ने व तहसील शोहरतगढ़ में एसडीएम सुरेंद्रनाथ मिश्र ने सोलर फिल्टर युक्त वैज्ञानिक चश्मे की मदद से खगोलीय घटना का सजीव दर्शन किया। इस दौरान छात्र नेता योगेश शुक्ल, वसीम अंसारी, श्रेया जायसवाल, बबिता चौरसिया, बृजेश, जमील, करन, नुरुद्दीन, केके मिश्र, राहुल दुबे, अविनाश अग्रहरी आदि मौजूद रहे।
बांसी। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने सोमवार को शाम 4.42 बजे सोलर फिल्टर युक्त चश्मे से खगोलीय घटना को देखा। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय पर 4.30 बजे एसडीएम योगानंद पांडेय, तहसीलदार ओमप्रकाश गुप्ता, नायब तहसीलदार केशरी नंदन त्रिपाठी पहुंच गए और विद्यालय के बच्चों को बाहर निकाल कर खगोलीय घटना को देखने के लिए सोलर फिल्टर युक्त चश्मा दिया।
चश्मा लगाकर बच्चे व अधिकारी खगोलीय घटना का इंतजार करने लगे। खगोलीय घटना शुरू होते ही सभी के चेहरे खिल उठे। एसडीएम बांसी योगानंद पांडेय ने कहा कि ऐसी दुर्लभ वैज्ञानिक घटना को देखने का अवसर कई वर्षों पर मिलता है। इस मौके पर जिला विज्ञान क्लब के समन्वय सिद्धार्थ शंकर पांडेय भी मौजूद रहे।