सिद्धार्थनगर। बढ़ती बेरोजगारी लोगों को आर्थिक और मानसिक रूप से प्रभावित कर रही है। वर्तमान में लोग सोशल मीडिया से जुड़ कर खबरों को पढ़ रहे हैं।
इसमें नकारात्मक खबर व स्वयं से जुड़ी बीमारी के बारे में जानने के लिए उसके बारे में जानने का प्रयास कर रहे है। इसका असर लोगों के मानसिक स्वास्थ्य हेल्थ पर भी हो रहा है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े इस प्रभाव को चिकित्सक डूमसर्फिंग कह रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार यह बीमारी कोरोना काल के समय में भी देखने को मिली थी।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग में वर्तमान में प्रतिदिन चार से पांच मरीज डूमसर्फिंग के शिकार लोग पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार यह बीमारी मरीजों में लगातार निगेटिव या डिप्रेशन वाली खबरें स्क्रोल करने की आदत से हो रही हैं। पॉजिटिव से ज्यादा निगेटिव खबरें पढ़ने के लिए दिमाग प्रेरित करता है, हममें से बहुत से लोग लगातार पढ़ने या देखने से खुद को रोक नहीं पाते हैं। संवाद