सिद्धार्थनगर। ग्रामीण क्षेत्र में आज भी गंभीर बीमारियों का लक्षण दिखने के बाद भी जानकारी न होने के कारण मरीजों का इलाज नहीं हाे पाता है। कई बार समय से इलाज न हाेने के कारण जान पर बन आती है। गांव के लोगों के सेहत की जांच हो सके और उसका सही से इलाज हो सके। इसके लिए जनपद के ग्रामीण इलाकों में भारत सरकार के सहयोग से निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।
यह बातें सांसद जगदंबिका पाल ने कही। वह बुधवार को अपने आवास पर आयोजित प्रेसवार्ता के माध्यम से शिविर के बारे में जानकारी दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थनगर एक आकांक्षी जनपद है। इसे विकसित जिला बनाने के लिए कटिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की डबल इंजन की सरकार का उनकी कोशिशों से हो रहा है। कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना एक मील का पत्थर साबित हुआ है। मेडिकल कालेज के बाह्य रोगी विभाग में प्रतिदिन लगभग 2000 मरीज देखे जा रहे है। प्राथमिक स्तर पर ग्रामीण इलाको में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए एक महाअभियान का शुभारम्भ किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक गांव में निशुल्क एक दिवसीय स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों का आयोजन किया जाएगा, ताकि किसी भी व्यक्ति को होने वाले रोगों का प्रारम्भिक स्तर पर ही पता चल सके।
प्रारंभिक स्तर पर रोगों की पहचान होने से व्यक्ति को कम खर्च और तकलीफ में ही ठीक किया जा सकता है। साथ ही बड़े अस्पतालों पर भी बोझ बहुत कम हो जाता है और वहां गंभीर रोगियों को त्वरित इलाज मिलता है। प्रारंभिक चरण में एक संस्था के सहयोग से 25 शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए प्रत्येक विधानसभा से पांच गांवों का चयन किया गया है। 15 सदस्यों की मेडिकल टीम एक शिविर में रहेगी। इसमें सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, खून, मधुमेह, रक्तचाप, दांत और आंखों की जांच की जाएगी। नजर कमजोर होने पर निशुल्क चश्मा भी दिया जाएगा। साथ ही दवाओं का वितरण भी होगा। प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल को इस अभियान का प्रभारी नियुक्त किया है।