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मरीजों को डेढ़ माह से नहीं मिल रहा दूध

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मरीजों को डेढ़ माह से नहीं मिल रहा दूध
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दूध के भुगतान के लिए शासन के निर्देश का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिला चिकित्सालय में डेढ़ माह से अधिक समय से मरीजों को दूध नहीं मिल रहा है। दूध की आपूर्ति देने वाले ठेकेदार को भुगतान नहीं हुआ और उसने दूध के पैकेट देना बंद कर दिया है। इस कारण दो हजार से अधिक मरीजों को दूध नहीं मिल पाया है। जिला चिकित्सालय में अप्रैल 2021 तक सभी मरीजों को दूध मिलता था। उसके बाद भुगतान बंद हुआ और दूध की आपूर्ति भी बंद हो गई। जिम्मेदार अधिकारियों ने डेढ़ माह में दूध की आपूर्ति शुरू कराने के लिए ठोस पहल नहीं की। सभी मरीजों को प्रतिदिन आधा लीटर दूध देने का नियम है। फिलहाल जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत प्रसव के लिए भर्ती महिला मरीजों को ही दूध, नाश्ता और भोजन दिया जा रहा है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 35 से 40 मरीज भर्ती किए जाते हैं। मई में 1602 मरीज भर्ती हुए थे, इनमें 38 महिलाएं प्रसव के लिए भर्ती हुईं थीं। उसका बाजार क्षेत्र के रामचरण यादव ने बताया कि घर के एक बुजुर्ग बीमार हैं। उन्हें जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को दूध नहीं मिलने के कारण चाय से ब्रेड खिलाया गया। हालांकि उन्हें पता नहीं था कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को दूध मिलने का नियम है। इसी प्रकार अन्य परिजन भी दूध के लिए परेशान थे।
इस कारण रुका भुगतान
जिला चिकित्सालय को स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। इस कारण स्वास्थ्य महानिदेशालय से कई मदों का भुगतान बंद हो गया है। प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. नीना वर्मा को निर्देश दिया है कि रोगी कल्याण समिति से दूध का भुगतान किया जाए। रोगी कल्याण समिति से खानपान के मद में सीएमएस ने भुगतान नहीं किया।
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शासन से मांगा है निर्देश
प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने शासन को पत्र लिखकर रोगी कल्याण समिति के संचालन के संबंध में शासन को पत्र लिखा है। उन्होंने पूछा है कि स्वास्थ्य विभाग के रोगी कल्याण समिति का संचालन कौन करेगा? शासन से निर्देश प्राप्त होने के बाद रोगी कल्याण समिति के मद से भुगतान किया जाएगा।
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संयुक्त जिला चिकित्सालय एक सिस्टम से दूसरे सिस्टम में गया है। जिन मदों के भुगतान में बाधा आ रही है, उनका समाधान किया जा रहा है। जल्द ही दूध का भुगतान कराया जाएगा ताकि मरीजों को दूध मिलने लगे। रोगी कल्याण समिति के संचालन के लिए शासन से निर्देश मांगा हूं।
- डॉ. सलिल श्रीवास्तव
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