सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिलौली के पास मरीज माफिया सक्रिय हैं। ये मरीजों को बरगला कर अस्पताल के इर्द-गिर्द मौजूद निजी लैब और अल्ट्रासाउंड सेंटर में जांच के लिए ले जाते हैं। आरोप है कि विभागीय लोग भी मरीज माफिया के साथ गठजोड़ में शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, अस्पताल के आसपास कई केंद्र बिना लाइसेंस के भी चल रहे हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिलौली में इलाज के लिए 50 से अधिक गांवों के लोग आते हैं। अस्पताल में खून सहित कई प्रकार की जांच के लिए मशीन लगी हुई हैं, लेकिन ज्यादातर समय इसका फायदा मरीजों को नहीं मिलता क्योंकि कभी टेक्निशियन नहीं होता, तो कभी रिपोर्ट ही गलत आ जाती है और कभी जांच किट खत्म रहती है। इस कारण मरीजों को निजी लैब में जांच के लिए जाना पड़ता है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन है लेकिन दो महीने से रेडियोलॉजिस्ट ही नहीं है, इसलिए अल्ट्रासाउंड मशीन धूल फांक रही है और लोग महंगी जांच बाहर कराने को मजबूर हैं।
अस्पताल में जांच की व्यवस्था है लेकिन कभी मशीन में खराबी तो कभी अन्य बात बताकर बाहर से जांच कराने के लिए कहा जाता है। डॉक्टरों की ओर से जांच लिखने पर निजी पैथालॉजी में मनमानी तरीके से पैसा लिया जाता है।
-एनबी मोहम्मद, निवासी तिलौली
अल्ट्रासाउंड की जांच के लिए अस्पताल में कोई व्यवस्था नहीं है। डॉक्टर बाहर से कराने के लिए बोलते हैं। बाहर जाने पर गेट पर ही अल्ट्रासाउंड वाले जांच के नाम पर 600 से 700 रुपये लेते हैं लेकिन कोई बोलने वाला नहीं है।
-अखिलेश कुमार मौर्य
कुछ अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी सेंटरों के अवैध तरीके से चलने की शिकायतें मिली हैं। उन्हें नोटिस दिया जाएगा। उसके बाद अवैध सेंटरों पर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. रामनिवास, सीएचसी अधीक्षक, तिलौली