सत्ताधारी दल के नेताओं का जमघट जहां होता है, वह सड़क बदहाल है। पार्टी के आम कार्यकर्ता से लेकर मंत्री तक इसी रास्ते से गुजरते हैं, फिर भी उनकी नजर सड़क की बदहाली पर नहीं पड़ती।
दलील यह दी जाती है कि सड़क उनके अधीन नहीं है, मगर लाख टके का सवाल है कि शासन सत्ता चाह ले तो क्या नहीं हो सकता। बात जिला मुख्यालय से शोहरतगढ़-बांसी को जाने वाले मार्ग की हो रही है। साड़ी तिराहा से चंद मीटर दूरी पर ही सपा का जिला कार्यालय है।
आए दिन होने वाले कार्यक्रमों में जिला पदाधिकारियों के अलावा पार्टी के विधायक, सांसद सहित अन्य दिग्गज शिरकत करते हैं। गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़क से ही उन्हें गुजरना होता है। बेशक गड्ढों में उठापटक से तकलीफ उन्हें भी होती होगी, बावजूद वह चुप्पी साधे होंगे।
मुख्य मार्ग होने के कारण आम लोग गड्ढों के सामने सत्ताधारी दल के कार्यालय का बोर्ड देखते हैं तो बरबस ही उनके मुंह से जिम्मेदारों की संवेदनहीनता पर बोल फूट पड़ते हैं। इसी मार्ग के दुकानदार पवन ने कहा कि सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग है या स्टेट हाईवे, आम जनता को इससे क्या।
हमें तो अच्छी सड़क चाहिए। यहीं के सुरेश की मानें तो केन्द्र की सड़क बताकर बस अपना पल्ला झाडने की कोशिश की जाती है। डीएम डॉ. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि साड़ी तिराहा से जाने वाली सड़क नेशनल हाईवे की है। इसकी मरम्मत के लिए हमने खुद प्रमुख सचिव से वार्ता की है। उन्होंने संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई के बारे में बताया है। हम खुद सड़क को बनवाने की कोशिश में लगे हुए हैं।