तापमान सामान्य से ऊपर, रात में भी नहीं मिलेगी राहत
तेज हवाओं के बावजूद बारिश के आसार नहीं, फसल और स्वास्थ्य पर असर
सिद्धार्थनगर। पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। रविवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। यह सामान्य से 2.3 डिग्री कम रहा, लेकिन न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस पहुंचने से रात में उमस और गर्मी का असर बढ़ गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है, लेकिन बारिश के आसार नहीं हैं। दक्षिण-पूर्वी दिशा से करीब 9 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दिन में बादलों की आवाजाही से तेज धूप से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन बारिश न होने और नमी बढ़ने से उमस लोगों को ज्यादा परेशान करेगी। मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र के अनुसार अधिकतम आर्द्रता 85 प्रतिशत और न्यूनतम 46 प्रतिशत दर्ज होने से वातावरण में चिपचिपाहट बनी रहेगी।
किसानों के लिए यह मौसम मिश्रित असर वाला माना जा रहा है। तेज धूप और बारिश की कमी के कारण खेतों की नमी तेजी से कम हो सकती है। खासकर सब्जी और दलहनी फसलों को अतिरिक्त सिंचाई की जरूरत पड़ सकती है। वहीं, हवा की रफ्तार सामान्य से तेज रहने के कारण गेहूं की कटाई के बाद खुले में रखे भूसे और अनाज को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार दिन और रात के तापमान में कम अंतर तथा बढ़ती उमस से बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले लोगों को थकान, डिहाइड्रेशन और वायरल संक्रमण की समस्या बढ़ सकती है। दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
बाजारों और शहरों में दोपहर के समय लोगों की आवाजाही कम देखी जा रही है। ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती होने पर गर्मी और उमस का असर और ज्यादा महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग ने फिलहाल बारिश की संभावना से इन्कार किया है, जिससे आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने के संकेत माने जा रहे हैं।
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क्या हो सकता है असर
- उमस बढ़ने से रात में भी गर्मी का असर
- सब्जी फसलों में सिंचाई की जरूरत बढ़ेगी
- दोपहर में बाजारों और सड़कों पर कम भीड़
- डिहाइड्रेशन और वायरल बुखार के मामले बढ़ सकते हैं
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सावधानी
- दोपहर 12 से 3 बजे तक धूप से बचें
- ज्यादा पानी और तरल पदार्थ लें
- खेत में काम करने वाले किसान सिर ढककर निकलें
- बच्चों और बुजुर्गों को उमस से बचाकर रखें