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Siddharthnagar News: भीषण गर्मी में सूख रही धान की बेहन, किसानों के सामने बचाने की चुनौती

Mon, 22 Jun 2026 02:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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बार-बार सिंचाई के बावजूद खेतों में पड़ रहीं दरारें, बढ़ती लागत से किसान परेशान
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सकारपार। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान का असर अब खरीफ सीजन की तैयारियों पर भी दिखाई देने लगा है। तेज धूप और उमस के कारण धान की बेहन (नर्सरी) सूखने लगी है। हालात यह हैं कि किसानों को बेहन को बचाने के लिए हर तीसरे दिन सिंचाई करनी पड़ रही है लेकिन इसके बावजूद खेतों में पड़ रही दरारें कम नहीं हो रही हैं।
किसानों का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में धान की बेहन तेजी से बढ़ती है लेकिन इस बार मौसम अनुकूल नहीं होने के कारण पौधों की बढ़वार काफी धीमी है। तेज धूप से मिट्टी की नमी तेजी से खत्म हो रही है, जिससे बेहन मुरझाने लगी है। ऐसे में किसान सिंचाई के सहारे फसल को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
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क्षेत्र के किसान अष्टभुजा, रामकेश, जगन्नाथ, रोहित और सुमेर ने बताया कि करीब एक माह बाद धान की रोपाई शुरू हो जाती है लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए समय पर पर्याप्त पौधे तैयार होने को लेकर संशय बना हुआ है। बेहन के सूखने और धीमी बढ़वार के कारण किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
किसानों का कहना है कि बार-बार सिंचाई करने से डीजल की खपत बढ़ गई है, जिससे खेती की लागत में भी इजाफा हो रहा है। पहले जहां कम सिंचाई में काम चल जाता था, वहीं अब बेहन को बचाने के लिए बार-बार पंपिंग सेट चलाना पड़ रहा है।
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किसानों को आशंका है कि यदि जल्द ही मौसम में बदलाव नहीं हुआ और अच्छी बारिश नहीं हुई तो इसका असर धान की रोपाई के साथ उत्पादन पर भी पड़ सकता है। ऐसे में किसान अब मानसून की सक्रियता और समय पर बारिश का इंतजार कर रहे हैं, ताकि धान की फसल को नुकसान से बचाया जा सके।
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बोले किसान

बेहन को बचाने के लिए बार-बार पानी देना पड़ रहा है। इसके बावजूद पौधों की बढ़वार सामान्य नहीं है।
- अष्टभुजा, किसान
- सिंचाई में डीजल खर्च बढ़ गया है। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो रोपाई प्रभावित हो सकती है।
- रामकेश, किसान
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