- डीएम ने एडीएम की अध्यक्षता में गठित की चार सदस्यीय कमेटी
- एक सप्ताह में जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश
बांसी। राप्ती नदी के गर्भ में नगर पालिका की ओर से पक्का निर्माण कराने और नाले का पानी नदी में गिराए जाने की शिकायत को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया है। मामले की जांच के लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी को एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
व्यापार मंडल अध्यक्ष एवं नगर पालिका के नामित सदस्य घनश्याम जायसवाल और दुर्गेश कुमार मिश्र ने डीएम को शिकायत पत्र देकर आरोप लगाया कि राप्ती नदी गंगा की सहायक नदी के रूप में है। इसके बावजूद नगर पालिका परिषद बांसी की ओर से नदी के गर्भ में कथित तौर पर पक्का निर्माण कराया जा रहा है। साथ ही ठोस और तरल अपशिष्ट भी नदी में प्रवाहित किए जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत में नदी की स्वच्छता और पर्यावरण को होने वाले संभावित नुकसान का हवाला देते हुए मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की गई थी। शिकायत को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गौरव कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की है।
जांच कमेटी में क्षेत्रीय अधिकारी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बस्ती माहिर हुसैन, अधिशासी अभियंता उत्तर प्रदेश जल निगम ग्रामीण संजय कुमार जायसवाल और जिला परियोजना अधिकारी जिला गंगा समिति पंकज त्रिपाठी को सदस्य बनाया गया है। जिलाधिकारी ने समिति को निर्देश दिया है कि मौके पर जाकर शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर एक सप्ताह के भीतर जांच आख्या कार्यालय में प्रस्तुत करें। अब जांच रिपोर्ट के बाद ही नदी में निर्माण और अपशिष्ट गिरने से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।