मेडिकल कालेज में पर्ची बनवाने के लिए लगी भीड़।
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बुधवार को आठ माह के बच्चे का इलाज कराने पहुंची डुमरियागंज की बुर्कानशीं वहीदा खातून डॉक्टर का पता पूछ रही थीं। ज्यादातर मरीजों को भी पता नहीं था कि बच्चे के डॉक्टर कहां मिलेंगे।
काफी भटकने के बाद उन्हें पता चला कि स्त्री एवं प्रसूति रोग और बाल रोग विभाग की ओपीडी एमसीएच विंग में शिफ्ट हो गई है। वहीदा की तरह ही रोजाना आने वाले कई मरीजों को भटकना पड़ता है। मरीजों और तीमारदारों को यह परेशानी इसलिए होती है क्योंकि पुरानी ओपीडी में कहीं भी नहीं लिखा कि दो विभागों की ओपीडी शिफ्ट हो गई है।
इसी प्रकार अन्य मरीज भी पूछताछ करते मिले, जब वे एमसीएच विंग की ओपीडी में पहुंचे तो पैथोलॉजी जांच के लिए फिर वापस आना पड़ा। स्त्री एवं प्रसूति विभाग में इटवा की प्रेमलता ने बताया कि पर्ची कटवाने में एक घंटा लगा, उसके बाद एमसीएच विंग में डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने खून जांच व अल्ट्रासाउंड जांच लिखे। पूछने पर पता चला कि खून की जांच के लिए पुराने भवन में ही जाना पड़ेगा।
जबकि अल्ट्रासाउंड की जांच के लिए बाहर जाना पड़ेगा। पैदल चलने में परेशानी होने के बाद भी कई जगहों पर चक्कर लगाना पड़ा तो तकलीफ और बढ़ गई है। मरीजों को परेशानी को देखते हुए मामले की पड़ताल करने पर समस्या और भी गंभीर रूप से सामने आई।
एमसीएच विंग में ओपीडी शुरू होने पर वहां रजिस्ट्रेशन और दवा की सुविधा मिल रही है लेकिन जांच के लिए मरीजों और तीमारदारों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। ओपीडी में बुधवार को लगभग 180 मरीज पहुंचे ।