संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद रफी की अदालत ने प्रतिबंधित नशीली गोलियां रखने के जुर्म में एनडीपीएस एक्ट के तहत पकड़े गए अभियुक्त धनबहादुर को उसकी संस्वीकृति के आधार पर दोषी ठहराते हुए एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उसके ऊपर एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वह नेपाल के ऊपटहवां, थाना पिपरा बाणगंगा एक नगर पालिका अंचल लुंबिनी, जनपद कपिलवस्तु का निवासी है।
अभियुक्त की गिरफ्तारी 24 मार्च 2024 को शोहरतगढ़ थानाक्षेत्र के खुनुआ से हुई थी। अभियोजन कथानक के अनुसार पुलिस एसआई जगतनरायन यादव ने तहरीर लिखवाते हुए कहा कि वह एवं एसएसबी एसआई सुमित कुमार कस्टम बैरियर के पास खड़े होकर बातचीत कर रहे थे।
उसी वक्त मुखबिर की सूचना पर खुनुआ गांव के पीछे पक्की सड़क से नेपाल जाने की फिराक में धनबहादुर को पकड़ा गया। उसने बताया कि उसके पास प्रतिबंधित नशीली गोली है। तलाशी में 120 गोली प्रोक्सिको स्पास बरामद हुई। पुलिस ने विवेचना के बाद उसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
न्यायालय ने संज्ञान लेकर विचारण शुरू किया। इसी दौरान अभियुक्त ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। न्यायालय ने जुर्म स्वीकारोक्ति के आधार पर उसको दोषी ठहराते हुए सजा के बिंदु पर सुनवाई करके उसको एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की पैरवी विशेष लोक अभियोजक रामसूरत यादव एडवोकेट ने किया।क