बांसी। कस्बे में मौनी अमावस्या से एक माह तक लगने वाले माघ मेले का शुभारंभ बृहस्पतिवार को डीएम पवन अग्रवाल ने किया है। उन्होंने मेला ध्वज रोहण करने के बाद मेला संस्थापक पं राजेंद्र नाथ त्रिपाठी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। नगर पालिका बांसी की देखरेख में लगने वाले माघ मेला एवं प्रदर्शनी की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस वर्ष यह प्राचीन माघ मेला 70वीं वर्षगांठ मना रहा है।
बांसी के प्राचीन राप्ती नदी के तट पर प्रति वर्ष लगने वाला यह माघ मेला एवं प्रदर्शनी विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ लगभग एक माह तक चलता है। सुरक्षा की दृष्टिकोण से थाना और मेला नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। इस अवसर पर सीओ सतीश चंद्र पांडेय, कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी, पूर्व नपा अध्यक्ष मो. इदरीश पटवारी, सभासद बरकत अली राईनी अरुण गुप्ता, बजरंगी वर्मा, रवि कुमार अग्रहरी, कपिलदेव, साकिर अली, नीलेश निषाद, अर्जुन निषाद, परमात्मा, रमाकांत, प्रो. केपी त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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मनोरंजन के विभिन्न संसाधन मौजूद
बांसी। मेले मेंं दुकानों के अलावा विभिन्न प्रकार के झूले ,कालाजादू ,थियेटर सहित विभिन्न प्रकार के मनोरंजन के संसाधन लगे हैं। नगर पालिका अध्यक्ष चमन आरा राईनी ने कहा कि मेला अवधि में मेलार्थियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। मेले की भव्यता को कायम रखने का पूरा प्रयास किया गया है।
मौनी अमावस्या को लेकर राप्ती नदी तट पर विशेष तैयारी
बांसी। मौनी अमावस्या को लेकर राप्ती नदी तट पर साफ सफाई व कच्चा घाट बनाने का काम नगर पालिका ने कर दिया है। मौनी अमावस्या के दिन यहां काफी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए आते हैं। शुक्रवार को श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला भोर से ही शुरू हो जाएगा। स्नान के बाद लोग पूजा-अर्चना कर अन्न व गोदान करते हैं। नगर पालिका ने घाट पर अस्थायी सीढ़ी का निर्माण करने के साथ नदी मे बैरिकेडिंग व महिलाओं के लिए टेंट की व्यवस्था की है। सुरक्षा की दृष्टि से नाव व गोताखोर की व्यवस्था भी की गई है। ईओ मुकेश कुमार ने कहा कि स्नान करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की दिक्कत न हो इसका पूरा ध्यान रखकर व्यवस्था की गई है।