डीएम के समक्ष प्रस्तुत हुए 102 मामले, एक का निस्तारण
जिले में आए 376 मामले, 23 का मौके पर निस्तारण
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर/शोहरतगढ़। शोहरतगढ़ तहसील में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में 102 मामले प्रस्तुत हुए, जिसमें मौके पर एक मामले का निस्तारण किया गया। शेष 101 पीड़ित न्याय की आस लेकर फिर से घर लौट गए। डीएम ने अफसरों को मामलों के निस्तारण का निर्देश दिया।
मंगलवार को शोहरतगढ़ तहसील के सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस के मौके पर डीएम दीपक मीणा व एसपी डॉ. धर्मबीर सिंह मौजूद रहे। डीएम से न्याय मांगने दूरदराज क्षेत्रों से आए फरियादियों को घंटों बाद मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। कुल 102 मामलों में सिर्फ एक राजस्व के मामले का मौके पर निस्तारण हो सका। इस दौरान सदर लेखपाल पर भ्रष्टाचार व धनादोहन का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की गई। छतरी निवासी व बीडीसी प्रमोद गिरि, बढ़नी लाला निवासी गुलाम हुसैन ने गांव में स्थित चकरोड व खलिहान पर अतिक्रमण हटाने। बभनी बाजार निवासी हरिहर प्रसाद ने वृद्धा पेंशन की राशि खाते में आने के बाद भी चार माह से बैंक रुपये नहीं निकाल रहा है। मिश्रौलिया थाने पर तहरीर दी है, पर कार्रवाई नहीं की गई। नकाही निवासी डब्लू चौधरी ने अपनी जमीन दबंग व्यक्ति से कब्जा मुक्त कराने की मांग की। इस दौरान सीएमओ डॉ. आरके मिश्र, बीएसए राम सिंह, डीडीओ राजेन्द्र प्रसाद, जिला पूर्ति निरीक्षक ब्रजेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण रामशंकर यादव, एसडीएम त्रिभुवन प्रसाद, तहसीलदार अरविंद कुमार, सीओ दिलीप कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह आदि अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। बांसी प्रतिनिधि के मुताबिक तहसील सभागार आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस एडीएम सीताराम गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस दौरान 87 मामले पेश हुए। मौके पर 11 मामलों का निस्तारण कर दिया गया। एसडीएम प्रबुद्ध सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक मायाराम वर्मा आदि की उपस्थिति रही। डुमरियागंज प्रतिनिधि के मुताबिक उपजिलाधिकारी राजेन्द्र प्रसाद की अध्यक्षता में हुई संपूर्ण समाधान दिवस के मौके पर 42 मामले आए। जिसमें एक भी मामले का निस्तारण नहीं हो सका। इस दौरान सीओ महेन्द्र सिंह देव, प्रभारी निरीक्षक केडी सिंह, सीडीपीओ रवीन्द्र यादव, बीइओ चन्द्र भूषण पांडेय आदि की मौजूदगी रही। सदर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी हर्षिता माथुुर ने की। इस मौके पर 93 मामले आए, जिसमें राजस्व के दो मामले निस्तारित किए गए। एसडीएम देवेश कुमार गुप्ता, सीओ सुनील सिंह, आदि की उपस्थिति रही। इटवा प्रतिनिधि के मुताबिक एसडीएम त्रिभुवन प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के मौके पर 53 मामले आए, आठ का निस्तारण कर दिया गया।
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आशा कार्यकर्ताओं ने जोगिया सीएचसी प्रभारी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोगिया के प्रभारी चिकित्साधिकारी पर आशा कार्यकर्ताओं ने रुपये मांगने और दुर्व्यव्यहार करने का आरोप लगाया है। मामले की जांच के लिए आशा वर्कर मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर सीडीओ हर्षिता माथुर को शिकायती पत्र सौंपा है। सीडीओ ने मामले की जांच की बात कहते हुए डीएम के समक्ष मामला रखने की बात कही है।
आशा कार्यकर्ता संगीता देवी, मीना देवी, रूपावती, सुमन, रीता, सुनीता, शांति, जनक दुलारी, पूनम, किरन देवी, सत्यावती ने आरोप लगाया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोगिया में तैनात प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. श्रवण कुमार जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ बंदन योजना सहित अन्य योजनाओं के कार्यों के कागजात जमा करने के एवज में 200 से लेकर 500 रुपये मांगते हैं। विरोध करने पर कार्यकर्ताओं को पद से हटाने देने की धमकी देते हैं। साथ ही अभद्र व्यवहार भी करते हैं। आरोप लगाया कि प्राइवेट आदमी रखे हुए हैं, जो धमकाता है। मामले की जांच करते हुए कार्रवाई की जाए। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. श्रवण कुमार ने बताया कि लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं। अस्पताल पर प्रसव कम होता था। पता चला कि कुछ आशा कार्यकर्ता प्रसूताओं को बाहर प्रसव के लिए ले जा रही हैं। मामले में जब प्रसव की संख्या बढ़ाने के लिए कहा गया तो विरोध शुरू कर दिया। साथ ही तीन आशा कार्यकर्ताओं के फर्जी होने की शिकायत करते हुए आरटीआई मांगा गया था। जिसकी जांच की जा रही है। जांच से रोकने के लिए आरोप लगाकर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। वहीं, सीडीओ हर्षिता माथुर ने बताया कि शिकायती पत्र मिला है। मामले की जांच कराई जाएगी। साथ ही डीएम के समक्ष भी मामला रखा जाएगा।