सिद्धार्थनगर जिले में चिल्हिया थाना क्षेत्र के छतहरा गांव के समीप सोमवार की रात एक बुजुर्ग जान देने के लिए ट्रैक पर सो गया था। लोको पायलट एवं गार्ड ने सतर्कता बरतते हुए ट्रेन रोक दी और बुजुर्ग की जन बच गई। बुजुर्ग के अनुसार, परिवार की प्रताड़ना से आहत होकर वह जान देने गए थे।
थानाक्षेत्र चिल्हिया क्षेत्र के निवासी बुद्धू (75) आत्महत्या करने के लिए गेट से दक्षिण छतहरा गांव के समीप रेलवे ट्रैक पर लेट गए थे। गोरखपुर से गोंडा जाने वाली डेमू आ रही थी कि ट्रैक पर लेटे एक व्यक्ति को गेट मैन राम अचल ने देख लिया। तत्परता दिखाते हुए गेट मैन ट्रेन को रोकने के लिए लाल बत्ती देने लगे।
लाइन क्लीयर मिल चुकी ट्रेन के लोको पायलट ने लाल बत्ती देख आपातकालीन ब्रेक लगाकर गाड़ी रोक दी। इससे बुजुर्ग की जान बच गई। बुजुर्ग ने बताया कि उनके तीन बेटे और बहू हैं, लेकिन वे उनका भरण-पोषण नहीं कर रहे हैं। इस कारण उन्होंने जान देने की कोशिश की। स्टेशन अधीक्षक भवेश कुमार ने कहा कि पैसेंजर ट्रेन चिल्हिया से छूट चुकी थी और शोहरतगढ़ पहुंचने ही वाली थी कि गेट मैन की सतर्कता से ट्रेन रुक गई और बुजुर्ग की जान बच गई।