सिद्धार्थनगर। कुत्तों के हमले में जिले में अभी तक कई लोग जान गवां चुके हैं। कुत्तों के हमले से लोग सहमे ही थे कि अब जंगली जानवर भी हमलावर हो गए हैं। इनमें भेड़िए या सियार हो सकते हैं, जिनकी पहचान नहीं हो सकी है। दो दिन के भीतर डुमरियागंज और खेसरहा थाना क्षेत्र में इनके हमले में 15 लोग जख्मी हो चुके हैं। डुमरियागंज में अकेले में हमला किया था, जबकि खेसरहा क्षेत्र में चार की झुंड ने हमला किया है। फिलहाल भेड़िया और सियार के बीच रहस्य बना हुआ है। क्योंकि वन विभाग भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा है, वह सियार अथवा कुत्ता होने की आशंका व्यक्त कर रहे हैं।
वहीं, इनके हमलावर होने के पीछे पशु विशेषज्ञ का मानना है कि व्यवहार में बदलाव के कारण इंसान के प्रति हमलावर हुए हैं। ऐसे में जहां जंगल और झाड़, वहां के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
सियार भी भोजन और प्रजनन की समस्या उत्पन्न होने पर आक्रोशित होते हैं और सामने जो मिला उसे नोच लेते हैं। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना कि जीभ से पानी पीने वाले किसी भी जानवर के काटने पर एंटी रैबीज जरूर लगवाएं। नौ लोगों पर हमला करके जख्मी किया : 23 अक्तूबर को डुमरियागंज के बेंवा चौराहा पर चौराहा स्थिति एक मैरिज हॉल में गए बेवा मुस्तफा के लोगों पर भेड़िए ने हमला करके घायल कर दिया।
ग्राम प्रधान बादशाह उस्मानी ने बताया कि रात को ग्यारह बजे लोग शादी से लौट रहे थे अभी वो लोग मैरिज हाल के बाहर निकले तब तक भेड़िए ने लोगों पर हमला बोल दिया। शादी में अफरा तफरी मच गई अभी लोग कुछ समझ पाते तबतक भेड़िया ने ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इसमें छह लोगों को लोगों को पैर में काटा था, जबकि तीन को हाथ में काटा था। भेड़िए ने छह लोगों को दौड़ाकर काटा : खेसरहा थाना क्षेत्र के तीन अलग-अलग गांव में हमले में छह लोग जख्मी हो गए थे। इसमें पचमोहनी गांव में लल्लर के दो बच्चे नूर मोहम्मद (7) व इनराखातून (3) गांव के बाहर खेल रहे थे। उसी समय वहां भेड़ियों का झुंड पहुंचकर हमला कर दिया। गांव की गीता देवी बच्चों को बचाने के लिए दौड़ी तो उस पर भी भेड़ियों ने हमला कर घायल कर दिया। इसी तरह एक दिन पहले कड़जहर गांव के रमेश एवं बतौरिया की एक महिला को खेत में काम करते समय हमला कर घायल कर दिया है। इस मामले में रेंजर सुशील कुमार ने कहा कि सारी सूचनाएं गलत है, घटना कुत्तों से हुई है।
सियार कमर के ऊपर नहीं करते हमला : पशु विशेषज्ञ के मुताबिक सियार अगर हमला करता है तो वह कमर से नीचे हमला करता है। अगर सोते समय हमला करे तो चेहरे और पेट पर हो सकता है, लेकिन चलते हमला करता है तो कमर से नीचे करके और शिकार के नियत से नहीं करेगा।
जबकि, भेड़िया, चीता, बाग और शेर बहुत कम कमर के नीचे हमला करते हैं। कमर से ऊपर पेट से लेकर सिर तक हमला करते हैं।