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Siddharthnagar News: अब सहालग में कान फोड़ू डीजे बढ़ाएंगे धड़कनें

Thu, 14 Nov 2024 11:32 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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शहर में दुकान पर के बाहर रखे गए साउंड। 
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सिद्धार्थनगर। दीपावली पर पटाखों की शोर अभी जेहन से निकला नहीं था कि अब सहालग पर बजने वाले कान फाड़ू डीजे दिल की धड़कनें बढ़ाएंगे। जिले में 17 मुहूर्त में 3000 से अधिक शादियां होंगी, ऐसे में खूब डीजे बजेगा। मगर प्रशासन के पास डीजे की ध्वनि मापने का कोई यंत्र नहीं है, ऐसे में कान फोड़ू डीजे पर प्रशासन लगाम कैसे लगाएगा यह तो समय ही बताएगा।
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ऐसे में फिलहाल खुद से ही बचाव कर लें तो ही बेहतर होगा। चिकित्सक भी तेज ध्वनि वाले स्थान पर जाने से बचने की सलाह दे रहे हैं।
दीपावली पर पटाखों की आवाज से काम और धड़कन रुका नहीं था कि अब सहालग शुरू हो गया है। इसे में डीजे आम बात हो गई है। शादी है तो कान फाड़ू डीजे बजने तय हैं, क्योंकि डीजे की आवाज 150-200 डेसिबल बजता है और वाइब्रेट करता है। जबकि, विशेषज्ञ का मानना है कि 15 से 20 डेसिबल तक की आवाज से कान को कोई नुकसान नहीं होता है।
अगर इससे अधिक सुन रहे हैं तो चुभने लगती और अधिक हुआ तो काम को दर्द देने लगता है। साथ ही बेचैनी के साथ-साथ दिल की धड़कन तेज हो जाती है। जिससे हर्ट अटैक पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, कान की आवाज भी गुम हो सकती है।
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चिकित्सकों का यह भी कहना है कि दिल और कान की बीमारी से ग्रस्त हैं तो ऐसे कार्यक्रम में न तो शामिल हों और गुजरते हैं तो बिना रुके निकल जाएं। अगर कुछ देर सुनते हैं तो कान और दिल पर दोनों पर गहरा असर पड़ेगा। तेज ध्वनि के अधिक समय तक सुनने से वह लोग भी रोगी हो जाएंगे जो पहले से इन दोनों प्रकार की बीमारी की गिरफ्त में नहीं थे।
ऐसा हार्ट और नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ की राय है। दिल के रोगियों के लिए तेज आवाज, अचानक किसी की घटना को देख लेना या फिर कुछ ऐसा सुनना जिससे उनके हार्ट पर असर पड़ जाता है।
कई बार बीमार होने साथ-साथ अटैक आने से जान चली जाती है। इसमें कुछ घंटों तक तेज आवाज में म्यूजिक, गाना सुनने से बहुत प्रतिकूल असर पड़ता है। अगर दिल के बीमारी से पहले से ग्रस्त हैं तो शादी और पार्टी में जा रहें तो डीजे बचने वाले स्थान से दूर रहें जहां आवाज कम पहुंचे। उन लोगों काे और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है जो अभी इस बीमारी की गिरफ्त में नहीं हैं।
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