नेपाल पुलिस की गिरफ्त में वर्ष 2019 में पकड़ा गया नसीम बादशाह। स्रोत फाइल फोटो
सिद्धार्थनगर। नेपाल में भड़की हिंसा में कपिलवस्तु जिले के तौलिहवा जेल से सात से अधिक हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा नसीम बादशाह भी फरार हो गया है। अभी तक वह नेपाल की जांच एजेंसी के हाथ नहीं लगा है।
कभी वह नेपाल पुलिस के मोस्ट वांटेड की लिस्ट में शामिल था। छह साल पहले नेपाल की जांच एजेंसी ने उसे राजधानी काठमांडो से गिरफ्तार किया था और न्यायालय ने सजा सुनाई थी। बादशाह का सीमावर्ती इलाके में सिक्का चलता था। अधिकांश अपराध सीमावर्ती इलाके में किया था।
वारदात के बाद जब दवाब बढ़ता था तो सीमावर्ती इलाके में शरण ले लेता था। उसके फरार होने के बाद लोगों की धड़कन बढ़ गई है। क्योंकि, अपहरण करके फिरौती वसूलने और समय पर नहीं मिलने पर हत्या करने में कुख्यात था। सूत्राें की माने तो नेपाल पुलिस और जांच एजेंसी भारतीय सुरक्षा एजेंसी मदद से उसकी जांच में लगी हैं। क्योंकि, उसका बाहर होना बड़े अपराधी के फिर सक्रिय होने की आशंका है।
छह साल पहले पकड़ में आया था : नेपाल पुलिस के रिकार्ड के अनुसार कुख्यात अपराधी नसीम बादशाह को सात जुलाई 2019 को काठमांडो से गिरफ्तार किया गया था। लगातार अपराध होने के बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए सरकार ने कई एजेंसियों को लगाया था। सात से अधिक हत्या के मुकदमे में अपराध के बादशाह को दोषी करार देते हुए कलिवस्तु की जिला अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके अलावा अन्य अपराधिक मामलों में सुनवाई चल रही है। वह कपिलवस्तु जिला के तौलिहवा जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा था। नेपाल में जब सोशल मीडिया पर बैन के विरोध में हिंसा भड़की तो अन्य कैदियों के साथ नसीम बादशाह भी भाग निकला। इसके भागने के बाद पुलिस और जांच एजेंसियों के हाथ पांव फूल गए। कारण इसके अनगिनत ठिकाने और असंख्यक लोग हैं, जो इसे शरण देने का काम करते हैं।
वहीं, सबसे बड़ी बात यह कि सीमावर्ती इलाका मुख्य केंद्र रहा है। मधेश इलाके में सबसे अधिक अपराध और दहशत कायम कर रखा था।