बांसी। डीएम पवन अग्रवाल ने खंड विकास अधिकारी बांसी के माध्यम से ग्राम पंचायत बसंतपुर की ग्राम प्रधान माधुरी, ग्राम पंचायत सचिव, सहायक विकास अधिकारी पंचायत व अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनके विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
जिला अधिकारी की ओर से जारी किए गए कारण बताओ नोटिस में परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण की जांच आख्या दो फरवरी का हवाला देते हुए कहा है कि जांच आख्या के अनुसार विकास खंड बांसी के ग्राम पंचायत बसंतपुर में सामुदायिक शौचालय के निर्माण में अनियमितता की गई है। निर्मित शौचालय में पानी की टंकी और विद्युत का अभाव है और केवल ढांचा खड़ा किया गया है। सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए आवंटित धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। साथ ही व्यक्तिगत शौचालय निर्माण कार्य में भी अनियमितता पाई गई है तथा 12 शौचालय क्षतिग्रस्त एवं अपूर्ण है।
इसी तरह पंचायत भवन मरम्मत तथा बाउंड्री वॉल निर्माण में 122669 रुपये में अनियमितता है। पंचायत भवन में कंप्यूटर तथा सोलर पैनल स्थापित नहीं किया गया है और ना ही विद्युत कनेक्शन दिया गया है। बिना विद्युत कनेक्शन लिए हुए विद्युत चलित उपकरणों का क्रय किया गया है जो औचित्यहीन है । नोटिस में आगे कहा गया है की कूप मरम्मत कार्य नियमानुसार नहीं कराया गया है। हैंडपंप रिबोर व मरम्मत कार्य दो 29559 रुपये की अनियमितता परिलक्षित हुई है। सफाई किट की खरीदारी में 21000 रुपये तथा प्रशासनिक मद में 13074 रुपये का गबन किया गया है। जांच आख्या का उल्लेख करते हुए डीएम ने कहा है कि तथ्यों से स्पष्ट है कि नियमानुसार कार्य नहीं कराए गए हैं। शिकायतकर्ता की शिकायत सही पाई गई है। ऐसी स्थिति में आपके विरुद्ध उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 के तह प्रधानों तथा सदस्यों को हटाया जाना। जांच नियमावली 1997 तथा संशोधित 2001 की अधीन कार्रवाई किया जाना पूर्णतया विधि संगत है। विदित हो कि धर्मचंद्र त्रिपाठी की शिकायत पर परियोजना निदेशक की ओर से दो फरवरी को जांच की गई थी।
जांच में परियोजना निदेशक ने वित्तीय अनियमित के लिए ग्राम पंचायत सचिव, सहायक विकास अधिकारी पंचायत व अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को भी अलग-अलग बिंदुओं पर जिम्मेदार माना है। डीएम ने सभी को निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण देने को कहा है जारी उक्त नोटिस में प्रधान से कहा गया है कि प्रशासनिक अनियमिताओं के आधार पर आपकी प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारों पर रोक लगाते हुए उक्त के संचालन के लिए ग्राम पंचायत की नवनिर्वाचित सदस्यों में से तीन सदस्यों के कमेटी का गठन क्यों न कर दिया जाए।