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सदन का अनुभव नहीं मगर विकास में रहूंगी नंबर वन

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सदन का अनुभव नहीं मगर विकास में रहूंगी नंबर वन
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जिला पंचायत अध्यक्ष शीतल सिंह से बातचीत
राजनीति में पहली बार रखीं कदम, बन गई प्रथम नागरिक
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मैंने कभी राजनीति नहीं की है। सदन का अनुभव भी नहीं है मगर विकास में नंबर वन रहूंगी। पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ विकास का पहिया आगे बढ़ेगा। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनी गईं शीतल सिंह ने रविवार को बातचीत में ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि परिवार के लोगों का राजनीतिक हस्तियों से हमेशा जुड़ाव रहा है। इसके पहले उन्होंने कोई चुनाव नहीं लड़ा और उनके परिवार के लोग राजनीति में किसी पद पर नहीं थे। पति उपेंद्र प्रताप सिंह ठेकेदार हैं और उन्होंने वर्ष 2012 में भाजपा की सदस्यता ली थी। शीतल ने कहा कि सदन में अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन करेंगी और विकास के लिए निरंतर सक्रिय रहेंगी। पति अपने कारोबार में व्यस्त रहते हैं। सिर्फ जटिल समस्याओं में ही उनका मार्गदर्शन लेंगी। उन्होंने बताया कि बांका (बिहार) से स्नातक की शिक्षा हासिल की हैं।
वो बेटी थी, मैं बहू हूं
शीतल सिंह ने बताया कि वर्ष 2005 में जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए मतदान हुआ था तो जनकनंदिनी चौरसिया जीती थीं और अब वह निर्वाचित हुई हैं। जनकनंदिनी सेमरहना की बेटी हैं और मैं यहां की बहू हूं। दोनों लोगों ने मतदान के जरिए जिला पंचायत में अध्यक्ष का पद हासिल किया। उन्होंने बताया कि मिठवल ब्लॉक के सेमरहना में उनका घर है।
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सबने सहयोग किया, सबका साथ दूंगी
शीतल ने कहा कि लोगों ने सपा प्रत्याशी के परिवार का कार्यकाल देखा है। 45 में से 40 सदस्यों ने उनके लिए मतदान किया। जिस प्रकार जिला पंचायत सदस्यों ने दलगत भावना से ऊपर उठकर उन्हें मत दिया है, उसी प्रकार सबकी भागीदार से विकास को नई दिशा दूंगी।
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