सिद्धार्थनगर। नेपाल सरकार ने यातायात नियमों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। खासतौर पर काली फिल्म लगी भारतीय गाड़ियों की जांच की जा रही है। सीमा पार करने के बाद ट्रैफिक पुलिस ऐसे वाहनों पर काली फिल्म मौके पर हटवाने के साथ 7,500 से 15,000 नेपाली रुपये तक जुर्माना भी वसूला जा रहा है।
नेपाल में वाहनों पर काली फिल्म लगाने पर पहले से ही प्रतिबंध है लेकिन अब इसका सख्ती से पालन कराया जा रहा है। सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों के अनुसार हाल के महीनों में भारतीय नंबर की गाड़ियों पर विशेष निगरानी बढ़ी है। नेपाल जाने वाले अधिकांश पर्यटक और निजी वाहन भारत से होने के कारण कार्रवाई का असर भी सबसे अधिक उन्हीं पर पड़ रहा है।
ऐसे में अगर आप भी नेपाल में घूमने, रिश्तेदारी या किसी अन्य काम से जा रहे हैं तो चारपहिया वाहन ले जाने से पहले वाहन के शीशे जरूर जांच लें। यदि वाहन पर निर्धारित मानक से अधिक काली फिल्म लगी है तो नेपाल में प्रवेश करने से पहले ही इसे हटा दें, ऐसा न करने पर न सिर्फ शीशे से काली फिल्म हटवानी पड़ेगी बल्कि जुर्माना भी देना पड़ सकता है।
सिद्धार्थनगर की 68 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा पर बढ़नी, खुनुवां और ककरहवा तीन प्रमुख प्रवेश द्वार हैं। इन्हीं रास्तों से प्रतिदिन 500 से अधिक चारपहिया वाहन वैध कस्टम और भंसार प्रक्रिया पूरी कर नेपाल में प्रवेश करते हैं। इनमें बड़ी संख्या पर्यटकों, व्यापारियों, रिश्तेदारों से मिलने जाने वाले लोगों और धार्मिक स्थलों के दर्शनार्थियों की होती है। सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों का कहना है कि नेपाल में नई व्यवस्था के बाद पुराने यातायात और सीमा संबंधी नियमों का भी कड़ाई से पालन कराया जा रहा है।
बढ़नी बॉर्डर से जुड़े रमेश मिश्र और अशोक गुप्ता बताते हैं कि गर्मियों और बरसात के मौसम में बड़ी संख्या में लोग नेपाल के पर्यटन स्थलों की ओर जाते हैं।
बढ़नी से प्रतिदिन करीब 200 से 250, खुनुवां से 100 से 150 और ककरहवा से 100 से 120 चारपहिया वाहन नेपाल में प्रवेश करते हैं। अब सीमा पार करने के बाद भी कई स्थानों पर वाहनों की जांच की जा रही है। ऐसे में यात्रा से पहले वाहन को नियमों के अनुरूप तैयार कर लेना ही बेहतर है।