अस्पतालों में मंकी पॉक्स से निपटने की तैयारी शुरू
- हर सीएचसी, पीएचसी में संदिग्ध मरीजों को रखने के लिए बेड आरक्षित
- संदिग्ध मरीजों को होगी जांच, स्वास्थ्य कर्मियों को किया गया अलर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मंकी पॉक्स के मद्देनजर स्वास्थ्य महकमा सतर्क हो गया है। जिले के सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। विदेश से आने वाले लोगों को पर पैनी नजर रखी जा रही है।
कोरोना संक्रमण का कहर अभी समाप्त भी नहीं हुआ है कि मंकी पॉक्स ने जिम्मेदारों को सतर्क कर दिया है। कोराना की पहली और दूसरी लहर में संक्रमण ने जमकर तबाही मचाई। लोगों की जान जाने के साथ ही व्यवस्था पटरी से उतर गई। इसी बीच अफ्रीकन देशों में मंकी पॉक्स का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। बंदरों से उपजी यह बीमारी इंसानों के लिए खतरनाक साबित हो रही है।
बीमारी को घातक बताते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी लेकर अलर्ट जारी किया है। साथ ही संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य महकमे को आवश्यक सुझाव दिए हैं। अफ्रीकन देश से आने वालों पर नजर रखी जा रही है। उनकी सैंपलिंग करने के जांच करने का आदेश हुआ है। इस संबंध में डिप्टी सीएमओ डॉ. सौरभ चतुर्वेदी ने बताया कि अलर्ट जारी कर दिया गया है। स्वास्थ्य महकमा बीमारी से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
----
बीमारी के लक्षण
मंकी पॉक्स घातक है। इसे छुपाने के बजाए लक्षण मिलने पर तत्काल नजदीकी अस्पताल पर जाएं और जांच कराकर इलाज कराएं। तेज बुखार, गले में खराश, शरीर में हमेशा दर्द और उसके साथ फफोला पड़कर उसमें पानी भर जाना बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं।
समीर सिंह, जिला महामारी रोग विशेषज्ञ, सिद्धार्थनगर