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मोबाइल एप से होगी वाहनों की फिटनेस जांच

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मोबाइल एप से होगी वाहनों की फिटनेस जांच
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डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर)। वाहनों की फिटनेस के नाम पर अब फर्जीवाड़ा नहीं हो सकेगा। एआरटीओ और आरआई के मोबाइल फोन में इंस्टॉल एप से ही वाहनों की फिटनेस जांच हो जाएगी। शासन ने एम वाहन मोबाइल एप तैयार किया है।
ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) से लैस इस एप में वाहन की फिटनेस कहां और कब की गई दर्ज होगा। पूर्णतया ऑनलाइन होने के कारण इससे वाहन का फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने में फर्जीवाड़ा भी नहीं हो सकेगा। आरटीओ एके शुक्ला के मुताबिक वाहन की फिटनेस की नई व्यवस्था शुरू होने से वाहन स्वामियों के साथ विभागीय अधिकारियों को भी राहत मिलेगी। यह नई व्यवस्था जल्द शुरू हो जाएगी। वाहन को देखने और एप पर लाइव तस्वीरें अपलोड करने के बाद ही संबंधित अधिकारी और कर्मचारी फिटनेस प्रमाणपत्र जारी कर पाएंगे।
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वाहन स्वामी को अपनी पूरी गाड़ी की तस्वीर, चेसिस नंबर, आगे और पीछे की सभी लाइटें, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अपलोड करने के साथ ही निर्धारित छह बिंदुओं पर लाइव तस्वीर अपलोड करनी होगी। इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी अन्यथा फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं बन पाएगा। व्यावसायिक वाहनों के पंजीकरण के समय ही दो साल के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र बनता है। दो साल के बाद प्रत्येक वर्ष जांच के बाद फिर से प्रमाणपत्र बनवाना पड़ता है। गैर व्यावसायिक वाहनों के लिए 15 साल के लिए फिटनेस प्रमाण पत्र बनाया जाता है। प्रमाणपत्र समाप्त होने के बाद दूसरा बनवाना अनिवार्य होता है। इसके लिए एक सप्ताह का समय मिलता है।
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अब तक कागजों में होती थी फिटनेस जांच
परिवहन विभाग में वाहनों की फिटनेस जांच अब तक कागजों में ही पूरी की जाती थी। वाहन कहीं भी हो, लेकिन आसानी से फिटनेस प्रमाणपत्र बन जाता है। फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त कर अनफिट वाहन भी सड़कों पर फर्राटा भरते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा।
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