संवाद न्यूज एजेंसी
खुनुवां। नेपाल और भारत के सुरक्षा अधिकारियों के बीच सोमवार की देर शाम को खलंगा में सीमा समन्वय बैठक हुई। इसमें बाॅर्डर के सीमांकन के लिए लगाए गए लापता पिलरों की तलाश और फिर स्थापित किए जाने की रणनीति बनाई गई। इसके साथ ही सुरक्षा सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
भारतीय सशस्त्र पुलिस बल और सशस्त्र पुलिस बल नेपाल के बीच डीआईजी-स्तरीय सीमा समन्वय बैठक सशस्त्र पुलिस बल, नेपाल क्रमांक सात बैद्यनाथ वाहिनी मुख्यालय, कैलाली में हुई। यह जानकारी सशस्त्र पुलिस बल नेपाल क्रमांक 44 बटालियन मुख्यालय, दार्चुला के गणपति देवराज जोशी ने दी। उन्होंने बताया कि बैठक में दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी ज़िम्मेदारियों, क्षेत्र की मौजूदा सुरक्षा स्थिति और संभावित खतरों की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि इस बात पर सहमति बनी कि दोनों देशों के सुरक्षाकर्मी सीमा क्षेत्र में हो रही विभिन्न प्रकार की अवैध गतिविधियों, तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर संयुक्त रूप से नियंत्रण करेंगे। बताया जाता है कि बैठक में सीमा क्षेत्र में संभावित आपराधिक गतिविधियों के संबंध में विभिन्न स्तरों पर सूचनाओं के आदान-प्रदान को प्रभावी बनाने, क्षतिग्रस्त या खोए हुए सीमा स्तंभों के अभिलेखों को अद्यतन करने और रखरखाव, सुरक्षा और जीर्णोद्धार के लिए संबंधित कार्यालय को रिपोर्ट करने तथा सीमा क्षेत्र में नागरिकों की आवाजाही को सुचारू और सामंजस्यपूर्ण बनाने के प्रयास करने पर सहमति बनी।
बैठक में सशस्त्र पुलिस बल नेपाल नंबर सात बैद्यनाथ ब्रिगेड मुख्यालय के कैलाली ब्रिगेड प्रमुख प्रदीप कुमार पाल, कैलाली, कंचनपुर, दार्चुला के गणपति, बैतड़ी के गुलमापति, दार्चुला के डडेलधुरा और छांगरू, भारत के अल्मोड़ा के डीआईजी सुधाम्सू नौटियाल और पीलीभीत के डीआईजी अनिल कुमार शर्मा सहित 10 लोगों ने भाग लिया।े