संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के नागचौरी गांव निवासी रामकला हत्याकांड को अंजाम देने वाला हत्यारोपी बहुत ही दबंग था। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि एक सप्ताह पहले बगल के मिठौवा चौराहे पर दुकान करने वाले डॉक्टर को चाकू दिखाकर रुपये ले लिए और चलता बना। लेकिन, इसकी कहीं कोई शिकायत नहीं की गई। अब हत्या को अंजाम देने के बाद भागा तो धीरे- धीरे उसके कारनामों की चर्चा होने लगी है।
वहीं, हत्यारोपी की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगी हैं। उसका कोई सुराग नहीं मिला है। आशंका जाहिर की जा रही है कि वह गैर प्रांत भाग गया है। क्योंकि उसका दिल्ली अकसर आना- जाता था। यहां से दिल्ली के लिए स्पेशल बस भी चलती है।
हत्या करके दूसरे की बाइक लेकर भागा : बताया जा रहा है कि हत्या के बाद भागने में आरोपी ने जिस बाइक का प्रयोग किया है, वह उसकी बाइक नहीं है। लोगों के मुताबिक वह बाइक संदीप प्रजापति की थी। संदीप प्रजापति की अगया चौराहे पर मेडिकल की दुकान है और उसकी मेडिकल की दुकान के सामने रामकला के भाई के लड़के शिवराज की चाय की दुकान है। घटना वाले दिन शिवराज संदीप प्रजापति से बाइक मांग कर अपने घर नागचौरी 10 मिनट के लिए आया था। उसी दौरान शिवराज अपने चाचा को बचाने के लिए मुकेश से झगड़ा करने लगा। मुकेश ने शिवराज के ऊपर चाकू से हमला किया। इसमें शिवराज बाल-बाल बच गया और वहां से भाग निकला। लेकिन बाइक में ही चाभी लगी रह गई। मुकेश घटना करने के बाद बाइक लेकर भागा है। गांव में अभी चर्चा है कि 10 दिन पहले मिठौवा चौराहे पर एक डॉक्टर प्रैक्टिस करते थे, वह अपने घर जा रहे थे। अम्हारा घाट के पास जैसे ही पहुंचे मुकेश ने उन्हें रोक कर चाकू के बल पर उनसे पैसा छीन लिया और गाड़ी का तेल भी निकाल लिया और धमकी दी कि अगर किसी को बताया या पुलिस में शिकायत की तो जान से मार दूंगा। इसी वजह से डॉक्टर साहब ने किसी को कुछ नहीं बताया। डॉक्टर साहब का रास्ता नागचौरी होकर ही उनकी दुकान तक जाता है। आरोपी के घर मां और बहन थीं, जिसको सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने सुरक्षित स्थान पर भिजवा दिया है।