इसके लिए जरूरी है बिजली
ओटी में हड्डी के अंदर रॉड डालने में उपयोगी सी आर्म मशीन, मॉनीटर, उपकरणों को संक्रमण रोधी बनाने के लिए ऑटो क्लेव, सर्जरी के स्थान से खून बहना रोकने के लिए कॉटरी, खून या पानी खींचने के लिए सक्शन मशीन को चलाने में बिजली की आवश्यकता होती है।
ऐसी है स्थिति
जिला अस्पताल में 125 केवीए का जेनरेटर है। इससे इमरजेंसी, वार्ड एवं पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट), एसएनसीयू (स्पेशल न्यू बार्न केयर यूनिट), एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड एवं पैथोलॉजी में बिजली आपूर्ति दी जाती है। जेनरेटर से ऑपरेशन थियेटर भी जुड़ा है, लेकिन एसी का कनेक्शन नहीं जोड़ा गया है। वहीं करीब तीन दशक पुराने 75 केवीए के दो और 62 केवीए का एक जेनरेटर हैं, जो कुछ देर चलाने के बाद ही गर्म हो जाते हैं। तीनों लोड नहीं उठा पाते हैं, जबकि कई बार मरम्मत कराई जा चुकी है।
जिला अस्पताल के जेनरेटर से ओटी में बिजली आपूर्ति दी जाती है, लेकिन एसी नहीं चलती है। मेडिकल कॉलेज के निर्माणाधीन अस्पताल में नए जेनरेटर लगाए जाएंगे। प्रयास करेंगे कि ओटी के लिए अलग जेनरेटर की व्यवस्था हो जाए। -डॉ. एके झा, प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल