संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बलरामपुर में धर्मांतरण और फंडिंग के तार सिद्धार्थनगर से जुड़ने की आशंका के बीच इटवा के अल फारुख इंटर कॉलेज के प्रबंधक को धर्तांतरण के आरोप में दबोचे जाने के बाद छांगुर बाबा के कनेक्शन को बल मिल गया है।
आरोपों से घिरे प्रबंधक पर भी कुछ उसी प्रकार की संलिप्तता के संदेह जताए जा रहे हैं, जैसा जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा करता था। दाेनों लगभग हम उम्र हैं।
ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि जांच हो तो छांगुर बाबा जैसे नए- नए तथ्य और लोग सामने आएं। वहींं, जांच की बात करें तो पुलिस इस मसले पर केवल जांच होने की बात बता रही है। जबकि सूत्रों का कहना है कि कुछ बड़ी एजेंसी की जल्द ही इस मामले में इंट्री हाे सकती है। उनकी दखल और जांच पड़ताल में असलियत सामने आएगी।
एक बड़े शैक्षिक संस्था से जुड़ा मामला होने के कारण बड़े नेटवर्क के शामिल होने से भी इन्कार नहीं किया जा सकता है। वहीं, क्षेत्र में धर्मांतरण को लेकर चर्चा बनी हुई है।
नोटरी से खुलेगी प्रबंधक के धर्मांतरण के आरोपों की कलई: शिकायत करने वाले पीड़ित ने बताया कि नौकरी के बदले धर्मांतरण के लिए प्रबंधक ने दबाव बनाया था। जांच एजेंसी उसी नोटरी के जरिये कार्य करेगी। नोटरी कहां बनी, क्या केवल पीड़ित की ही नोटरी बनी थी या अन्य लोगों की भी। अगर बनी है तो वह लोग कौन हैं और कैसे उन्होंने धर्म बदला है। नोटरी जांच करने वाली टीम के लिए महत्वपूर्ण क्लू के रूप में है। हालांकि, मामला गंभीर है, ऐसे में जांच करने वाली टीम अपने तरीके से लगी है।