सिद्धार्थनगर। जिले में युवाओं की जरूरतें बदलने के साथ सेकेंड हैंड मोबाइल और बाइक का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। कॉलेज जाने वाले छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा और ऑनलाइन कामकाज से जुड़े लोग अब कम बजट में पुराने मोबाइल और बाइक खरीदना ज्यादा सुविधाजनक मान रहे हैं। नए मोबाइल और बाइक की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच शहर से लेकर कस्बों तक सेकेंड हैंड बाजार युवाओं की जरूरतों का बड़ा सहारा बनता जा रहा है।
नौगढ़, शोहरतगढ़, बढ़नी और इटवा समेत कई बाजारों में रोज बड़ी संख्या में ग्राहक सेकेंड हैंड मोबाइल और बाइक की दुकानों पर पहुंच रहे हैं। कई युवा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिये भी खरीदारी कर रहे हैं लेकिन भरोसा और जांच की सुविधा के कारण स्थानीय बाजारों की रौनक अब भी बरकरार है।
नौगढ़ बाजार में मोबाइल खरीदने पहुंचे छात्र विनीत श्रीवास्तव ने बताया कि ऑनलाइन क्लास, प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म और पढ़ाई के लिए स्मार्टफोन जरूरी हो गया है। नया मोबाइल खरीदना हर किसी के लिए आसान नहीं है इसलिए छह से 10 हजार रुपये के बीच मिलने वाले सेकेंड हैंड फोन युवाओं की पहली पसंद बन रहे हैं।
शोहरतगढ़ क्षेत्र के प्रिंस यादव ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए रोज शहर आना-जाना पड़ता है। नई बाइक खरीदने के लिए एकमुश्त रकम जुटाना मुश्किल था, इसलिए पुरानी बाइक खरीद ली। इससे समय की बचत हो रही है और पढ़ाई भी प्रभावित नहीं हो रही।
दुकानदारों के अनुसार पिछले दो-तीन वर्षों में सेकेंड हैंड मोबाइल और बाइक की मांग लगातार बढ़ी है। बाइक मैकेनिक अब्दुल बताते हैं कि पहले लोग मजबूरी में पुरानी बाइक खरीदते थे, लेकिन अब अच्छी कंडीशन और कम कीमत के कारण ग्राहक खुद सेकेंड हैंड विकल्प पूछ रहे हैं। उनके पास रोजाना दो से चार ग्राहक पुरानी बाइक की तलाश में पहुंचते हैं।
नरेश साहनी बताते हैं कि कई दुकानों पर एक्सचेंज सुविधा भी शुरू हो गई है। ग्राहक अपना पुराना मोबाइल देकर कम कीमत में नया मॉडल ले रहे हैं। नौगढ़ के दुकानदार अशोक कहते हैं कि गांवों के युवा सबसे ज्यादा ग्राहक बनकर सामने आ रहे हैं। खेती-किसानी के साथ नौकरी, कोचिंग और छोटे व्यापार के लिए बाइक अब जरूरत बन चुकी है। कारोबारियों के अनुसार कम डाउन पेमेंट और आसान फाइनेंस सुविधा ने भी सेकेंड हैंड बाजार को तेजी दी है। कम आय वाले परिवार अब कम खर्च में मोबाइल और बाइक खरीद पा रहे हैं।
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सस्ते के चक्कर में न खरीदें संदिग्ध मोबाइल
- साइबर विशेषज्ञ दिलीप द्विवेदी ने बताया कि सेकेंड हैंड मोबाइल खरीदते समय लोग अक्सर केवल कीमत देखकर फैसला कर लेते हैं, जबकि मोबाइल का रिकॉर्ड और स्थिति जांचना जरूरी है। चोरी या फ्रॉड से जुड़े मोबाइल खरीदने पर परेशानी हो सकती है। खरीदने से पहले बिल, आईएमईआई नंबर और फैक्टरी रीसेट की स्थिति जरूर देखनी चाहिए। ऑनलाइन भुगतान करते समय अनजान लिंक और एडवांस भुगतान से भी बचना चाहिए।
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वाहन खरीदते समय दस्तावेज जरूर जांचें
- एआरटीओ संजय सिंह ने बताया कि सेकेंड हैंड बाइक खरीदते समय वाहन के पूरे दस्तावेज, रजिस्ट्रेशन, बीमा और टैक्स की जांच जरूरी है। केवल स्टांप पेपर पर सौदा करना भविष्य में विवाद बढ़ा सकता है। वाहन का ट्रांसफर परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में जरूर कराया जाए। बिना नामांतरण के बाइक चलाने पर कानूनी परेशानी हो सकती है।
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क्यों बढ़ रहा सेकेंड हैंड बाजार
- नए मोबाइल और बाइक की लगातार बढ़ती कीमत
- पढ़ाई और नौकरी के लिए डिजिटल जरूरतें बढ़ीं
- कम बजट में बेहतर विकल्प उपलब्ध
- एक्सचेंज और फाइनेंस सुविधा का असर
- गांवों के युवाओं की बढ़ी आवाजाही और ऑनलाइन निर्भरता
- सेकेंड हैंड मोबाइल खरीदते और बेचते समय बरतें सावधानी
खरीदते समय
- मोबाइल का बिल और आईएमईआई नंबर जरूर जांचें
- फोन चोरी या ब्लॉक तो नहीं इसकी पुष्टि करें
- कैमरा, बैटरी, स्पीकर, डिस्प्ले और चार्जिंग पोर्ट चेक करें
- फैक्ट्री रीसेट और पुराना अकाउंट हटाया गया हो, यह सुनिश्चित करें
- बहुत कम कीमत वाले संदिग्ध ऑफर से सावधान रहें
- खरीद की रसीद या स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें
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बेचते समय
- मोबाइल का पूरा डाटा बैकअप लेकर डिलीट करें
- गूगल अकाउंट, यूपीआई और सोशल मीडिया अकाउंट लॉगआउट करें
- फैक्टरी रीसेट करने के बाद ही फोन दें
- खरीदार की पहचान और मोबाइल नंबर जरूर नोट करें
- नकली पेमेंट स्क्रीनशॉट और फर्जी ट्रांजैक्शन से सावधान रहें
- लेनदेन का रिकॉर्ड और चैट सुरक्षित रखें
- बिल और एक्सेसरीज होने पर बेहतर कीमत मिल सकती है
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