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आंदोलन से जनजीवन प्रभावित हुआ

Wed, 04 Nov 2015 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ सिद्धार्थनगर
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 नेपाल में मधेसी और थारू आंदोलनकारियों कि बंदी बुधवार को 85वें दिन भी जारी रही। कारखाने, स्कूल बंद रहे। राजमार्ग को छोड़कर अन्य कहीं वाहन नहीं चले। वीरगंज में हुई घटना ने ऐसा रूप लिया कि मधेस के 22 जिले समेत भारत के सीमावर्ती क्षेत्र भी प्रभावित हुए हैं।
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पहाड़ों पर खाने-पीने की वस्तुओं का संकट शुरू हो गया है। मधेसी  नेताओं  ने  आने वाले त्योहार को लेकर बंदी में ढील नहीं देने की बात कही है। मधेसी मोर्चा रूपनदेही के अध्यक्ष महेंद्र यादव ने बताया कि सभी  बार्डर के नाकों पर  उनका  आंदोलन  शांतिपूर्ण  से चल रहा था।
सीमा पर तीसरे दिन बुधवार को सघन जांच के बाद मालवाहक वाहनों को नेपाल जाने दिया गया। नेपाल में मधेसी आंदोलन के कारण सुरक्षा की दृष्टि से वाहनों को सीमा पर रोक दिया गया था। बु़धवार सुबह 11 बजे से भारतीय माल वाहक वाहन नेपाल जाने लगे।
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 बॉर्डर पर तनाव के बीच लंबे समय से बंद चनरौरा तक लोकल बस सेवा बुधवार को शुरू की गई। कृष्णानगर (नेपाल सीमा में) बस यूनियन के अध्यक्ष जावेद आलम ने कहा कि मधेस मोर्चा से बात कर लोकल बस सेवा बहाल की गई है। इसे केवल चनरौरा तक शुरू किया गया है। अगर नेताओं व प्रशासन की राय होगी, तभी बस गुरुवार को भी चलेगी।
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