सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के 2.7 एकड़ में स्थापित हुआ मिनी औद्योगिक आस्थान रंगरेजपुर को उद्योग का इंतजार है। वर्ष 1989 में अधिग्रहित भूमि पर दुकान और बाउंड्रीवाल का निर्माण 2024 में पूरा हुआ तो लोगों को क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद जगी लेकिन उपेक्षा के चलते निराशा में बदलने लगी है। मिनी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित 48 भूखंडों में अब तक महज 10 इकाइयों के लिए 18 भूखंड आवंटन हो सका है। 30 भूखंड अब भी खाली पड़े है।
यहां भूखंड लेकर कारोबार कर रहे किशोर कुमार मौर्य व शिवपूजन वर्मा को भी दूसरे प्रतिस्पर्धी कारोबारियों के आने का इंतजार है। उनका कहना है कि अन्य कारोबारियों के आने से औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार होगा जिसका उन्हें भी फायदा होगा। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के भड़रिया मार्ग पर रंगरेजपुर गांव में स्थित सरकारी भूमि का तत्कालीन मंडलायुक्त गोरखपुर अजय प्रकाश वर्मा ने मिनी औद्योगिक आस्थान के लिए अधिग्रहण किया था। इस मिनी औद्योगिक क्षेत्र का क्षेत्रफल 2.7 एकड़ है, जिसमें कुल 48 भूखंड हैं जिस पर शासन द्वारा आवंटित दो करोड़ 62 लाख रुपये की लागत से बाउंड्रीवाल व गेट समेत अन्य कार्य कार्यदायी संस्था यूपीएसआईसी कानपुर की ओर से किया गया। साथ ही 55 लाख की लागत विद्युत सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
औद्योगिक क्षेत्र में थ्री फेस की सप्लाई है जो बीते कुछ दिनों से हो रही बरसात के कारण बंद है। वर्तमान में साफ-सफाई नहीं होने के कारण औद्योगिक क्षेत्र के परिसर में बड़ी-बड़ी घास उग गई है।
साथ ही औद्योगिक परिसर में बना सामुदायिक शौचालय खंडहर में तब्दील हो गया है जिससे व्यापारियों के साथ-साथ वहां आने वाले ग्राहकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। औद्योगिक क्षेत्र में भूखंड के लिए 12 लोग प्रयासरत हैं, हालांकि उन्होंने ऑनलाइन आवेदन नहीं किया है।