संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया अधर में पड़ गई है। नए आधार कार्ड कई दिनों से जारी नहीं हो पा रहे हैं, जिससे अपार आईडी बनवाने वाले बच्चों के समक्ष संकट खड़ा हो गया है। बच्चों के साथ- साथ उनके पिता को भी परेशान होना पड़ रहा है। कारण फोटो और नाम एक अक्षर में अंतर होने से बच्चों के आधार में दर्ज नहीं हो रहा है।
ऐसे में और मुसीबत बढ़ गई है। आधार कार्ड बनाने वाले केंद्र पर इसलिए भीड़ बढ़ गई है। मंगलवार और बुधवार को आधार केंद्र की पड़ताल में साफ्टवेयर में तकनीकी समस्या होने की बात सामने आई। इसमें बच्चों के आधार की प्रक्रिया पूरी करने के बाद आखिरी चरण में रद्द बता दे रहा है।
वहीं, संशोधन में जहां चंद मिनट में प्रक्रिया पूरी हो जाती है। उसमें कई घंटे लग जा रहे हैं। बीएसएनएल कार्यालय में सैकड़ों बच्चे और उनके अभिभावक आधार बनवाने और संशोधन के लिए लाइन लगाए हुए थे,जबकि कलेक्ट्रेट, एसबीआई शाखा, बीआरसी पर छुट्टी होने के कारण काम बंद था। ऐसे में लोगों को लौटना पड़ा।
इंटरमीडिएट तक की कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों की ओर से वन नेशन वन स्टूडेंट आईडी योजना के तहत विद्यार्थियों की अपार आईडी बनवाई जा रही है। हाल यह है कि एलकेजी से लेकर आठवीं कक्षा तक पढ़ने वाले अधिकांश के पास आधार कार्ड ही नही हैं।
वहीं, किसी के नाम में त्रुटि है कि तो किसी की जन्मतिथि अंतर है। उसके सुधार और नया आधार कार्ड बनवाने के लिए लोग आधार केंद्र पर जा रहे हैं। जहां उन्हें कई दुश्वारियों से गुजरना पड़ रहा है। पहले तो सर्वर की परेशानी के कारण आधार में दिक्कत हो रही थी। आधार कार्ड बनवाने में लोगों को किस प्रकार परेशान होना पड़ रहा है, इसकी हकीकत जानने के लिए बीएसएनएल दफ्तर, कलेक्ट्रेट, बीआरसी नौगढ़ और ब्लॉक मुख्यालय की पड़ताल की गई, तो लोगों की परेशानी सामने आई। हर कोई कार्ड बनवाने के लिए परेशान दिखा और व्यवस्था पर सवाल उठा रहा था।
एक नजर आंकड़ों पर : आंकड़ों पर गौर करें तो एलकेजी से लेकर इंटरमीडिएट तक बेसिक और माध्यमिक शिक्षा परिषद विद्यालय के 514700 बच्चे पंजीकृत हैं। जिनका अपार आईडी बनाया जाना है। अभी तक करीब पौने लाख बच्चों का ही अपार आईडी बन पाया है। इसमें जिलाधिकारी और डीआईओएस व प्रभारी बीएसए ने साथ ही संबंधित ब्लॉक के बीईओ को समय रहते कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया है।
वहीं, डीआईओएस व प्रभारी बीएसए प्रकाश सिंह ने बताया कि अपार आईडी बहुत आवश्यक है। इस कार्य में शिथिलता बतरने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। वेतन भी रोकने का कार्य किया जाएगा।
नहीं है कोई निर्धारित तिथि : अपार आईडी बनाए जाने की तिथि पांच फरवरी तक नियत की गई थी। जल्द से जल्द काम पूरा हो सके। इसके लिए दबाव बढ़ा तो 250 से अधिक विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को वेतन रोक दिया गया था। बीईओ की जवाबदेही तय की गई थी, लेकिन आधार कार्ड बनने में आने वाले