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नौ बेड का वेंटिलेटर से लैस आईसोलेशन वार्ड तैयार

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वेंटिलेटर वार्ड का निरीक्षण करते चिकित्सक। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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वेंटिलेटर से लैस आइसोलेशन वार्ड तैयार
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सैंपल करने के लिए बना अलग केबिन
एक मरीज के लिए एक कमरा एलाट
अलग प्रवेश द्वार और अलग रहेगा मेडिकल स्टाफ
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। कोरोना संक्रमित मरीजों के बेहतर इलाज और देखभाल के लिए जिला अस्पताल प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड को वेंटिलेटर से लैस किया गया है। नौ बेड का स्पेशल वार्ड तैयार किया गया है, यहां कोरोना पॉजिटिव मरीजों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के प्रवेश पर पूर्ण रूप से पाबंदी रहेगी। वहीं ड्यूटी करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए अलग रूम बनाया गया है, जहां वे आराम कर सकेंगे। ड्यूटी पूरी करने के बाद उन्हें क्वारंटीन के लिए किसी होटल में रखा जाएगा। वह घर नहीं जा पाएंगे। यह इसलिए कि अगर किन्हीं कारणों से वह संक्रमित हो भी जाते हैं तो परिवार और अन्य लोग उनसे बचे रहे।
कोरोना वायरस मरीजों की बढ़ती तादाद को देखते हुए सरकार और स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह से अलर्ट है। पहले से ही सारी व्यवस्थाएं बेहतर की जा रही हैं ताकि अगर स्थिति बिगड़े तो उसे संभाला जा सके। हालांकि जिले में अभी तक कोरोना का एक भी संक्रमित मरीज नहीं मिला है लेकिन ऐसी स्थिति से निपटने के लिए जिले में दो आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। इसमें 30 बेड का बर्डपुर सीएचसी में एक वार्ड बनाया गया है। वहीं जिला अस्पताल में भी 10 बेड का स्पेशल वार्ड तैयार किया गया है। जिला अस्पताल में बने वार्ड को वेंटिलेटर सहित अन्य सुविधाओं से लैस कर दिया गया है। यहां संक्रमित मरीज के लिए अलग-अलग कमरा बनाया गया है। जब मरीज आएंगे तो उन्हें अलग कमरे में रखा जाएगा। जिससे कोई एक-दूसरे के संपर्क में न आ सके। सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय ने बताया आइसोलेशन वार्ड बना है। सभी बेड वेंटिलेटर से लैस हैं। डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लिस्ट भी बना दी गई है। कोरोना से बचाव के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है।
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अलग-अलग रहेगा कमरा
जिला अस्पताल का आइसोलेशन वार्ड जनरल वार्ड के सामने वाले प्राइवेट वार्ड को बनाया गया है। इस वार्ड में कुल नौ कमरे हैं। संक्रमण के खतरे को देखते हुए वार्ड एक-एक बेड का अलग-अलग कमरा बना है। यहां एक बेड, एक वेंटिलेटर मशीन, पाइपलाइन ऑक्सीजन, अलग शौचालय और स्नानगृह है। जिससे कोई संक्रमित व्यक्ति एक-दूसरे के संपर्क में न आए।
अस्पताल के पीछे से मिलेगा प्रवेश
आइसोलेशन वार्ड में अस्पताल के पीछे से प्रवेश द्वार बनाया गया है। संक्रमित मरीज को पीछे से वार्ड में लाया जाएगा। साथ ही उन्हें पीछे से ही बाहर भेजा जाएगा। इसके अलावा बाहर से ही लोगों को प्रवेश करने दिया जाएगा। अस्पताल के अंदर इमरजेंसी और मुख्य गेट से प्रवेश करने वालों को आइसोलेशन वार्ड में प्रवेश नहीं मिलेगा।
सीसीटीवी से लैस होगा हर प्वाइंट
आइसोलेशन वार्ड पूरी तरह से सीसीटीवी कैमरे से लैस है। वार्ड में कुल 25 सीसीटीवी कैमरा लगाए जा रहे हैं। अस्पताल के कंट्रोल रूम से वार्ड की मॉनिटरिंग की जाएगी।
20 से अधिक लोग वार्ड में करेंगे
आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी के लिए स्वास्थ्य विभाग ने चार्ट तैयार कर लिया है। इसमें छह डॉक्टरों से सहित लगभग 20 स्वास्थ्य कर्मी की ड्यूटी लगेगी। जो शिफ्टवार ड्यूटी करेंगे।
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सैंपल कलेक्शन सेंटर बना
कोरोना से संदिग्ध मरीजों के लार का सैंपल लेने के लिए एक सैंपल कलेक्शन सेंटर बनाया गया है। सैंपल लेने वाला कर्मचारी उसी अंदर से सैंपल लेगा। इसके पीछे यह उद्देश्य है कि अगर संक्रमित व्यक्ति को खांसी या छींक अथवा सांस ले तो सैंपल लेने वाला कर्मी संक्रमित न हों।
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