खालसा पंथ सृजना दिवस पर हुई सबकी भलाई की अरदास
गुरुद्वारों में बदले गए निशान साहिब, नहीं मना बैसाखी का त्योहार
सहज पाठ का आयोजन, लंच पैकेट व असहायों के बीच प्रसाद का वितरण
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। जिले में सिख संगत की ओर से खालसा पंथ सृजना दिवस पारंपरिक रीति रिवाज के साथ घरों में मनाया गया। सिख संगत ने लॉकडाउन में सोमवार को खालसा पंथ सृजना दिवस के मौके पर गुरुद्वारे में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए शहर के गुरुद्वारा श्रीगुरु सिंह सभा में बैसाखी का पर्व नहीं मनाया गया। इस अवसर पर घर-घर जहां सबकी भलाई की अरदास की गई वहीं, सहज पाठ व भोग के आयोजन किए गए।
सोमवार सुबह गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष तजिंद्र सिंह ड्यूक, संरक्षक चड़त सिंह और उपाध्यक्ष हरभजन सिंह पप्पू की ओर से ज्ञानी जरनैल सिंह की ओर से परंपरा के अनुुसार बैसाखी वाले दिन भी गुरुद्वारों में सोशल डिस्टेंस का पूरा ध्यान रखा गया और निशान साहिब को बदलवाया गया। इसके बाद गुरुद्वारा को बंद कर दिया गया। गुरु मर्यादा के अनुसार समस्त मानव जाति की भलाई के लिए अरदास करने का कार्य घर-घर किया गया।
लॉकडाउन के कारण समस्त सिख परिवारों व सिंह सभाओं ने सरकार के साथ कदमताल करते हुए अच्छे शहरी होने का कर्तव्य निभाया। सभी पांच तख्तों एवं ऐतिहासिक गुरुद्वारों से ऑनलाइन लाइव कार्यक्रम भी हुए और इसका लाभ घरों में सीमित रह कर संगत ने लाभ उठाया। अंत में 17वें दिन लंच पैकेट को प्रसाद के रूप में वितरण किया गया। वितरण के समय अजय कसौंधन, संजय कसौधन, हरविंदर सिंह, राजू, बिल्लू बंका, शैलेंद्र मोदनवाल, रवि शर्मा, गामा आदि की सहभागिता रही।