संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। धर्म परिवर्तन और विदेशी फंडिंग के मामले में पकड़े गए जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के गुर्गों की धरपकड़ जा रही है। उनके दबोचे जाने के बाद नए- नए तथ्य और गिरोह से जुड़े लोगों की जानकारी सामने आ रही है। इसलिए धरपकड़ तेज हो गई है।
सूत्रों की मानें तो बढ़नी से डुमरियागंज तक जांच एजेंसी से जुड़े लोग लगातार भ्रमण कर रहे हैं।
उन्हें सिद्धार्थनगर के कुछ लोगों के छांगुर के यहां आने- जाने के इनपुट मिले हैंं। एजेंसी उन्हें पुख्ता करने में जुटी है। अगर मामला सही और तार वाकई जुड़े तो कई लोग उठाए जा सकते हैं। क्योंकि आने- जाने वालों की संख्या बड़ी है। अब वह झाड़ फूंक के लिए जाते थे या उसके कारमाने में शामिल थे, इसके बारे जांच में ही पता चलेगा।
सुरक्षा एजेंसियाें को आशंका है कि यहां के लोग उससे जुड़े होंगे। क्योंकि, पड़ोसी जनपदों में उसने अपनी जड़ मजबूत बना ली है। फिलहाल अगर कोई संदिग्ध मामलजा आ गया तो यहां भी बड़े रैकेट के विस्फोट हाेने से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
कहीं रुपये की लालच, तो कहीं बीमारी में झाड़ फूंक के बहाने धर्म परिवर्तन: धर्मांतरण का खेल खेलने वाला जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा कई प्रकार से लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करता था। इसमें निशाने पर सबसे अधिक गरीब परिवार रहते थे। कुछ तो रुपये की लालच में उसके बहकावे में आ जाते थे,
वहीं कुछ बीमारी का इलाज कराने को लेकर झाड़ फूंक कराने में विश्वास करते हैं। ऐसे में उससे जुड़े लोग या उसे जानने वाले लोग झाड़ फूंक के बारे में जानकारी देते थे। पहले अंगूठी पहनाई जाती थी। इसके बाद झाड़ फूंक से बीमारी नहीं ठीक हाेने पर रुपये देकर इलाज के लिए भी कहा जाता था। बस इसके बाद धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित या विवश कर दिया जाता था।
जनपद सटा हाेने के कारण डुमरियागंज और इटवा इलाके के लोग उतरौला में बाजार करने, इलाज कराने के लिए भी जाते हैं। इलाके में बड़ी संख्या में मध्यवर्गीय और छोटे तबके के लोग हैं, जो रुपये और गरीबी के आगे विवश हो जाते हैं।
ऐसे में क्षेत्र में जड़ें गहरी होने की आशंका एजेंसियों को अधिक है। कुछ इनपुट भी मिले हैं। इसलिए सुरक्षा एजेंसियों की दौड़भाग तेज हो गई है।