मजदूरों के पंजीयन और योजनाओं के लाभ में अनियमितता पर गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) ने श्रम प्रवर्तन अधिकारी कार्यालय में ताला जड़ दिया। मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए धरने पर बैठ गए। करीब ढाई घंटे तक विभागीय अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय में कैद रहे।
बाद में श्रम प्रवर्तन अधिकारी के लिखित आश्वासन पर ताला खोला गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को उग्र रूप देने को बाध्य होंगे। वर्ष 2015-16 में पंजीकृत मनरेगा मजदूरों को योजनाओं का लाभ दिलाने, पंजीकरण के लिए जमा फार्मों का पंजीकरण करा कर कार्ड शीघ्र जारी करने, चाय की दुकानों पर हो रहे बाल श्रम पर रोक लगाने की मांग को लेकर किसान यूनियन कई दिनों से लामबंद है। बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर गुरुवार को कार्यकर्ता श्रम प्रवर्तन अधिकारी कार्यालय पहुंचे और ताला लगा दिया। इस बीच कार्यालय में मौजूद अधिकारी-कर्मचारी अंदर ही कैद हो गए।
मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए कार्यकर्ता परिसर में ही धरने पर बैठ गए। अंदर मौजूद कर्मचारी आंदोलन कारियों से बार-बार ताला खोलने की विनती करते रहे। मगर किसी ने एक न सुनी। करीब डेढ़ बजे श्रम प्रवर्तन अधिकारी एके गुप्ता ने आंदोलनकारियों को लिखित आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं को शीघ्र ही दूर कर दिया जाएगा। अभियान चलाकर बालश्रम कराने वालों पर कार्रवाई होगी। इसके बाद कार्यालय का ताला खुल पाया।
प्रदर्शन का नेतृत्व यूनियन के महासचिव पंकज वर्मा, जिला प्रवक्ता अनिल कुमार राव, बुद्धजीवी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार चौधरी, महिला प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष नूरजहां खातून, रमेश चंद्र, इंद्रमणि यादव, विक्रम विश्वकर्मा, सूरजनाथ, संतराम गुप्ता, रामसेवक, अकालमती देवी, परशुराम, दुशाली देवी, सुमित्रा देवी, महेंद्र चौरसिया, ज्ञानमति देवी, सीमा देवी, भानमती देवी, बनारसी, रामभरत, कमलावती आदि मौजूद रहे।