जिला अस्पताल पर हल्ला मचाते परिजन
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जिला अस्पताल में नवजात की मौत पर बृहस्पतिवार की देर रात परिजनों ने जमकर हंगामा किया। इस बीच नवजात की मां की हालत भी खराब हो गई। लिहाजा उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि एक चिकित्सक ने जबरन एसएनसीयू से छुट्टी कर दी। जबकि एक अन्य डॉक्टर ने पांच दिन बाद डिस्चार्ज करने की बात कही थी।
जानकारी के अनुसार विनीत कुमार दुबे की पत्नी पूजा दुबे (22) को मंगलवार की रात 10.50 जिला अस्पताल में एक किलो 200 ग्राम का प्री मैच्योर डिलीवरी हुई। डॉक्टर संजय चौधरी ने नवजात को एसएनसीयू में भर्ती कराया। परिजनों का आरोप है कि बृहस्पतिवार को दिन में तीन बजे एक डॉक्टर ने एसएनसीयू से जबरन छुट्टी दे दी। इस पर विरोध किया गया लेकिन कोई बात नहीं सुनी गई। इसके बाद मजूबरी में परिजन उसे अस्पताल के संक्रामक वार्ड में ले गए।
बृहस्पतिवार की देर शाम करीब 5 बजे के करीब नवजात की मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल प्रशासन मामले को मैनेज करने में जुट गया। परिजनों ने जब चिकित्सक से वापस एसएनसीयू में रखने को कहा तो उन्हें वापस कर दिया गया। मरीज के साथ मौजूद श्रद्धा दुबे, प्रमिला दुबे, हरिश्चंद्र दुबे आदि लोगों का कहना है चिकित्सकों की लापरवाही से बच्चे की मौत हुई है।
बताया कि देर शाम से ही अस्तपाल से डॉक्टर नहीं आए। कई बार मिलने की कोशिश भी की गई, लेकिन किसी भी जिम्मेदार ने मुलाकात करना जरूरी नहीं समझा। इसी बीच पूूजा की हालत बिगड़ भी गई थी। उसे अस्पताल में भर्ती करानी पड़ी।
हालांकि शुक्रवार को परिजन नवजात का शव और पूजा को डिस्चार्ज कराकर घर लेकर चले गए थे। सीएमएस डॉ. रोचष्मति पांडेय का कहना है कि मामले की जानकारी हुई है। अब तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। इसके बाद भी मामले की जांच कराई जाएगी।