इटवा। तहसील क्षेत्र के ग्राम जिगिना धाम में लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद भी भंडारण किए गए खाद्यान्न समेत गोदाम को सीज कर दिया गया। शुक्रवार देर रात एसडीएम इटवा कुणाल की इस कार्यवाही से अवैध तरीके से भंडारण करने वाले व्यापारियों में हड़कंप मच गया है।
प्रभारी मंडी निरीक्षक राजेश कुमार सिंह, रमेश चंद्र वर्मा व विपणन निरीक्षक इटवा के साथ एसडीएम इटवा ने जिगिना धाम में अरुण ट्रेडर्स के गोदाम का निरीक्षण किया। इस दौरान कागजात मांगे जाने पर वह नहीं दिखा सके। लाइसेंस की अवधि भी समाप्त थी। उसे रिन्यू भी नहीं कराया गया था। गोदाम में 1050 बोरी गेहूं (650 क्विंटल) व 60 बोरी पीडीएस बेस चावल पाया गया। पूछताछ में फर्म के मालिक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। इस कारण गोदाम को सील कर दिया गया। चेतावनी दी गई है कि यदि तीन दिन में समन का निस्तारण नहीं करा सके तो उपरोक्त मामलों में मंडी समिति के अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभापति मंडी को कार्रवाई के लिए पत्रावली भेज दी जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से वर्तमान में गेहूं का अवैध भंडारण करने वाले सकते में आ गए हैं।
खुले बाजार में गेहूं खरीद किया गया है डंप
वर्तमान में गेहूं फसल कटाई के बाद किसानों से सीधे खरीदकर व्यापारियों ने गेहूं डंप कर लिया है। इस कारण सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद का दबाव होने के बावजूद गेहूं नहीं मिल पा रहा है। वहीं व्यापारियों ने किसानों से खेत में कटाई के बाद सरकारी दर से अधिक दाम देकर गेहूं खरीद लिया। इसे बाद में अधिक दाम पर बेचकर वे मुनाफा कमा सकेंगे। क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद नहीं हो पाने के पीछे यह अवैध भंडारण करने वाले व्यापारी ही मुख्य कारण है।