संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शहर के लोग कृषि उपज मंडी के रेलवे स्टेशन के पास होने का खामियाजा भुगत रहे हैं।
आए दिन मंडी मार्ग पर जाम लगने से लोगों को दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं, जबकि नो एंट्री जोन में वाहनों के फंस जाने से फल-सब्जी व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। यही कारण है कि स्थानीय लोगों के साथ व्यापारी भी यह मांग कर रहे हैं कि अलग मंडी मार्ग बना दिया जाए, ताकि शहर में ट्रकों सहित अन्य मालवाहनों को प्रवेश करने में दिक्कत न हो।
शहर के थरौली में 2017 में मंडी की शुरुआत हुई। उसके बाद मालवाहन साड़ी तिराहे से हाइडिल तिराहे होते हुए मंडी आते जाते हैं। रात में वाहन आ जाते हैं, तो बाहर निकलने में पुलिस के नियम आड़े आते हैं। अक्सर ऐसा होता है जब साड़ी तिराहे पर पुलिस गाड़ी रोक देती है, तो मंडी के व्यापारी मौके पर पहुंचकर कच्चे माल के नुकसान का हवाला देते हुए मनुहार करते हैं। इसी के साथ मंडी के इकलौते मार्ग के कारण वन विभाग कॉलोनी में जाम लगता है, तो वाहनों की लंबी लाइन लग जाती है, जबकि इस जाम के कारण शहर के मुख्य मार्ग उसका-तेतरी बाजार रोड पर भी जाम लग जाता है।
मंडी में हर दिन 250 छोटे बड़े-वाहनों का आना-जाना होता है। इसलिए इकलौते मार्ग पर जाम की स्थिति बन जाती है
हाईवे निर्माण में बढ़ी और समस्या : एनएच-730 निर्माण के कारण सुबह 8:00 बजे के बाद मंडी के वाहनों को सनई या साड़ी तिराहे पर रोक दिया जा रहा है, क्योंकि अशोक मार्ग पर कार्य चल रहा है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंडी के वाहनों में खराब होने वाली फल सब्जी के कारण नो एंट्री के समय सुबह 8:00 बजे के बाद भी छूट दी जाती थी, लेकिन अशोक मार्ग के निर्माण के कारण सख्ती बरती जा रही है।