सिद्धार्थनगर। जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में 15 वर्ष पूर्व बना बास्केटबाॅल का पोल व नेट कोच व रखरखाव के अभाव में पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। जबकि कोर्ट बनने के बाद भी जिले में कोई भी कोच नहीं आया। इसकी वजह से जिले में बास्केटबाल के खिलाड़ी नहीं है।
स्टेडियम में बास्केटबाॅल खेलने के लिए कोर्ट का निर्माण कराया गया है। लेकिन कोच व खिलाड़ी के अभाव में बास्केटबाॅल का पोल व नेट पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। खेल कार्यक्रम के आयोजन के समय भी बॉस्केटबाॅल का खेल नहीं कराया जाता है। जबकि शहर के प्राइवेट विद्यालय में बास्केटबाॅल का ग्राउंड बना हुआ है। जिसमें विद्यालय के छात्र-छात्रा प्रैक्टिस करते है। लेकिन खेल में आगे बढ़ने के लिए कोच व टीम की जरूरत है। स्टेडियम में बॉस्केट बॉल का कोर्ट है। लेकिन कोर्ट के टूटने से खिलाड़ी प्रैक्टिस नहीं कर पाते है। परिणाम स्वरूप जिले में बास्केटबाल गेम को बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है।
विद्यालय में ग्राउंड होने से बास्केटबाल की प्रैक्टिस हो जाती थी। स्टेडियम में ग्राउंड बना है। जिसमें पोल व घेरा भी बनाया गया है। लेकिन जर्जर होने से खेलने में असुविधा होती है।
-आर्यन यादव, खिलाड़ी
खिलाड़ियों को ग्राउंड मिल रहा है। जिले में बास्केटबाल की संभावनाए हैं। लेकिन कोच नहीं होने से खिलाड़ियों की प्रतिभा जिले में ही दम तोड़ रही है।
-आकाश, खिलाड़ी
ग्राउंड को सही करवाने के लिए शासन को पत्र भेजा गया। कोच की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही बास्केटबाल का खेल शुरू करा दिया जाएगा।
-आशुतोष अग्निहोत्री, क्रीड़ा अधिकारी