-कंपोजिट ग्रांट की धनराशि से खरीदी जाएगी किट, हल्की-फुल्की बीमारी के लिए भी मौजूद रहेगी दवा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले में मौजूद परिषदीय व माध्यमिक विद्यालयों में अब छात्र-छात्राओं के इमरजेंसी व छोटे-मोटे उपचार के लिए फर्स्ट एड बॉक्स रखे जाएंगे, जिससे छात्रों को अस्वस्थ्य होने पर तत्काल दवाई दी जा सके। इसके लिए महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने डीआईओएस व बीएसए को पत्र के माध्यम से निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
जिले में संचालित हो रहे परिषदीय व माध्यमिक विद्यालयों के बच्चों का हल्की-फुल्की बीमारी में स्कूल में ही इलाज हो सके, इसको लेकर स्कूलों में सुरक्षा किट अनिवार्य रूप से लगाए जाने के निर्देश जारी हुए हैं। व्यवस्था सुचारु रूप से चले इसको लेकर कंपोजिट ग्रांट से धनराशि खर्च करने किट की खरीदारी करने पर सहमति बनी है। फर्स्ट एड बॉक्स लगाने को लेकर शासन स्तर से बीएसए और डीआईओएस को निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं।
बीएसए शैलेष कुमार ने बताया कि अमूमन हल्की फुल्की बीमारी होने पर शिक्षक बच्चों को घर भेज देते हैं, लेकिन आने वाले दिनों में इस समस्या को समाप्त कर दिया जाएगा। हल्की फुल्की बीमारी होने पर शिक्षक, स्कूल के फर्स्ट एड बॉक्स में मौजूद दवाओं और मलहम पट्टी से बच्चों का इलाज कर सकेंगे। इस बॉक्स में मलहम-पट्टी के अलावा बुखार, जुकाम और पेट दर्द आदि की दवाएं भी मौजूद रहेंगी। शिक्षक समय समय पर दवाओं की एक्सपायरी तिथि भी देखेंगे, ताकि सही समय पर सही दवा बच्चों को दी जा सके।
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इन दवाओं की रहेगी उपलब्धता
चोट व घाव पर लगाने के लिए बीटाडीन मलहम, चोट के लिए पट्टी और एसिडिटी के लिए डाइजिन टैबलेट, शरीर दर्द दूर करने के लिए डाइक्लोफिनेक जेल, ओआरएस पाउडर, बुखार की पैरासिटामॉल, उल्टी की ऑन्डम, पेट के संक्रमण की मेट्रोजिल सिरप, पेट में दर्द व ऐंठन के लिए डायसाइक्लोमाइन सिरप फास्ट एंड बॉक्स में मौजूद रहेंगी। जिसकी एक्सपायरी खत्म होने से पहले सभी दवा की पुन: खरीदारी की जाएगी।