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टीबी, बुखार पीड़ितों और कुपोषित बच्चों का ढूंढेंगी आशा

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कुपोषित बच्चों को ढूंढेंगी आशा
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एक से 31 जुलाई तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह मनेगा
12 से 25 जुलाई तक दस्तक अभियान के तहत घर-घर जाएंगी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। संचारी रोगों एवं दिमागी बुखार पर नियंत्रण के लिए एक से 31 जुलाई तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह अभियान चलेगा। इस अभियान को 12 विभाग मिलकर सफल बनाएंगे। इसके लिए समन्वयक समिति गठित कर दी गई है। इस अभियान के साथ ही 12 से 25 जुलाई तक दस्तक अभियान चलेगा, जिसमें आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर दिमागी बुखार से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करेंगी। वह टीबी के संभावित मरीजों, बुखार के रोगियों व कुपोषित बच्चों की पहचान करेंगी।
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विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह अभियान को सफल बनाने के लिए सीएमओ कार्यालय के अचल प्रशिक्षण केंद्र में शुक्रवार को बैठक आयोजित हुई। इस दौरान जिला मलेरिया अधिकारी एके मिश्र ने कहा कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह अभियान को 12 विभाग मिलकर सफल बनाएंगे। इसमें स्वास्थ्य विभाग नोडल के रूप में अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह करेगा। राज्य मुख्यालय से 15 जून को समन्वय विभाग को वर्चुअल ट्रेनिंग दी गई है। सबकी जिम्मेदारी तय कर दी गई है। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि 12 से 25 जुलाई के बीच दस्तक अभियान चलेगा। इसमें आशा कार्यकर्ता दो से 15 साल के बच्चों के घरों पर विशेष तौर से पहुंच कर दिमागी बुखार, बचाव एवं उपचार की जानकारी देंगी। बाकी घरों का भ्रमण कर टीबी, बुखार के रोगी और कुपोषित बच्चों की खोज की जाएगी। ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य टीम भी आशा कार्यकर्ताओं की मदद करेगी। वेक्टरवार्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के नोडल अधिकारी डॉ. शेषभान ने बताया कि दस्तक के दौरान संभावित क्षयरोगी की लाइन लिस्टिंग व कुपोषित बच्चों के पहचान की भी जिम्मेदारी आशा को दी गई है। संभावित क्षय रोगी की पहचान के बाद जांच कराई जाएगी। वहीं कुपोषित बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) भेजकर सेहत बेहतर किया जाएगा। इस दौरान पाथ संस्था के जिला समन्वयक महाप्रताप सिंह, यूनीसेफ के डीएमसी अमित शर्मा, अनिल श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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