पुलिस का सहयोग करें, कानून तोड़े नहीं, उसका सहारा लें : एसपी
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से वेबिनार के जरिए पुलिस की पाठशाला आयोजित
सीडीओ, एसपी और एएसपी ने ग्राम प्रधानों को दी कानून की जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। पुलिस का सहयोग करें, कानून तोड़े नहीं, बल्कि उसका सहारा लें। कानून के बारे में जाने और जरूरत पड़ने पर उसका प्रयोग करें। यह बातें अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से वेबिनार कार्यक्रम के जरिए आयोजित पुलिस की पाठशाला में सीडीओ पुलकित गर्ग और एसपी रामअभिलाष त्रिपाठी ने नवनियुक्त प्रधानों से कही। कोरोना संक्रमण की वजह से बेबिनार कार्यक्रम के जरिए अधिकारी ग्राम प्रधानों से जुड़े और कानून की जानकारी दी।
सीडीओ पुलकित गर्ग ने कहा कि ग्राम प्रधान को गांव हर जानकारी होती है। वह गांव के विवाद को रोकें और अगर बात न बने तो पुलिस का सहयोग लें। विकास पर ध्यान दें, जिससे गांव तरक्की की ओर बढ़े। एसपी रामअभिलाष त्रिपाठी ने कहा कि आज महिलाओं पर अपराध बढ़ रहा है। घरेलू हिंसा के प्रकरण सामने आ रहे हैं। अगर आसपास कोई महिला पीड़ित है तो उसकी मदद करें। पुलिस को सूचना दें, कानून का सहारा लेते हुए उत्पीड़न करने वालों को सजा दिलाएं। कहा कि ग्राम प्रधान गांव के जिम्मेदार होते हैं, उनका दायित्व है कि गांव में अपराध को रोकने में मदद करें। कानून तोड़ने वालों को सजा दिलाने के लिए पुलिस का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से महिलाओं की सुरक्षा और उनके संरक्षण के लिए कई कानून बनाए गए हैं। ग्राम प्रधान महिलाओं की चौपाल लगाकर उन्हें कानून के बारे में जानकारी दें। अगर पुलिस की जरूरत है तो जानकारी दें, संबंधित थाने की महिला पुलिस और दरोगा चौपाल में हिस्सा लेकर कानून के बारे में जानकारी देंगे और महत्वपूर्ण नंबरों के बारे में बताएंगे। जिससे किसी भी आपात स्थिति में पुलिस को सूचना दे सकें। एएसपी सुरेशचंद रावत ने कहा कि पीड़ित को तभी मदद मिलेगी, जब वह आगे आएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई कानून बनाए गए हैं। उत्पीड़न पर सीधे शिकायत के लिए 1090 सेवा शुरू की गई है। इस पर शिकायत करने के बाद तत्काल लखनऊ कंट्रोल रूम तक शिकायत दर्ज होती है। इसके बाद संबंधित थाने की पुलिस मामले की जांच करती है। इसके बाद कार्रवाई की जाती है। इसके डायल-112 सहित अन्य जरूरी नंबर दिए। साथ ही एएसपी ने सीयूजी नंबर दिया। उन्होंने कहा कि गांव में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका होने या फिर विवाद होने पर तत्काल सूचना दें। कहा कि मौजूदा समय में बाढ़ की स्थिति है। ऐसे में अगर कहीं जलभराव या फिर कटान जैसी स्थिति उत्पन्न होता दिखे तो सीधे जानकारी दें। कानून का पालन करें, उसे तोड़े नहीं उसका सहारा लें। बेबिनार कार्यक्रम में 300 से अधिक ग्राम प्रधान जुड़े हुए थे।